
हाथरस 05 जून । शहर में लगातार बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने और दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में सीधे जोड़ने के लिए एक नए बाईपास के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। करीब 12 किलोमीटर लंबे इस बाईपास के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) द्वारा एस्टीमेट (आगणन) तैयार कराया जा रहा है। यह बाईपास मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग को आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग से आपस में जोड़ेगा, जिससे भारी वाहनों को शहर की सीमा में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रस्तावित योजना के मुताबिक, यह नया बाईपास हाथरस-मेंडू रोड स्थित गांव सोखना के पास से शुरू होगा। इसके बाद यह जलेसर रोड को क्रॉस करते हुए गांव पापरी के पास आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) में जाकर मिल जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना को अपनी कार्ययोजना में शामिल कर लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कागजी औपचारिकताएं और बजट का सटीक आकलन पूरा होते ही इस प्रस्ताव को अंतिम वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया जाएगा। लोनिवि (PWD) के अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि फिलहाल इस बाईपास के प्रस्ताव को विभाग की कार्ययोजना में शामिल कर लिया गया है। शासन से प्राथमिक हरी झंडी मिलने के बाद इसका विस्तृत आगणन तैयार कराया जा रहा है। शासन से अंतिम स्वीकृति और बजट आवंटित होते ही आगे की निर्माण प्रक्रिया तेजी से शुरू कराई जाएगी।
बाईपास बनने से जनता को होंगे ये बड़े फायदे
- जाम से स्थायी राहत: शहर के मुख्य चौराहों, सादाबाद गेट, आगरा रोड और भीतरी मार्गों पर लगने वाले रोजाना के लंबे और झामझाम जाम से जनता को हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
- प्रदूषण में आएगी भारी कमी: भारी वाहनों और ट्रकों के शहर के बाहर से ही गुजर जाने के कारण शहर के भीतर ध्वनि और वायु प्रदूषण का ग्राफ तेजी से गिरेगा, जिससे स्थानीय निवासियों को स्वच्छ हवा मिल सकेगी।
- समय और ईंधन की बचत: मथुरा से बरेली या आगरा से अलीगढ़ की तरफ जाने वाले मुसाफिरों व लंबी दूरी के चालकों को शहर के भीतरी ट्रैफिक में उलझना नहीं पड़ेगा, जिससे उनके समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी और सफर सुगम हो जाएगा।
























