
हाथरस 31 मई । सीबीएसई बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन को लेकर एक छात्र और उसके परिजनों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शहर के पुराना मिल कंपाउंड निवासी इंटरमीडिएट के छात्र ने आरोप लगाया है कि बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई स्कैन कॉपी में एकाउंटेंसी विषय की केवल ए कॉपी दिखाई गई है, जबकि उसने बी कॉपी में भी प्रश्नों के उत्तर लिखे थे। ऐसे में उसके 12 अंकों के उत्तरों का मूल्यांकन नहीं होने की आशंका जताई जा रही है। छात्र व्योम मित्तल के अनुसार उसने एकाउंटेंसी की परीक्षा में बी कॉपी में 12 अंकों के प्रश्नों के उत्तर लिखे थे। परिणाम घोषित होने के बाद अपेक्षा से कम अंक मिलने पर उसने उत्तर पुस्तिका की कॉपी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया। बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई स्कैन कॉपी में केवल ए कॉपी ही दिखाई गई, जबकि बी कॉपी का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। व्योम के पिता ललित मित्तल ने कहा कि यदि बी कॉपी का मूल्यांकन नहीं हुआ है तो यह छात्र के साथ अन्याय है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर बी कॉपी उपलब्ध कराने और उसके मूल्यांकन की मांग की है। छात्र ने गणित विषय के मूल्यांकन पर भी सवाल उठाए हैं। उसका दावा है कि गणित में उसे 99 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि एक अंक बिना उचित कारण के काटा गया है। उनका कहना है कि यदि दोनों विषयों में हुई कथित त्रुटियों को ठीक कर दिया जाए तो उसके कुल अंक 99 प्रतिशत से अधिक हो सकते हैं। ललित मित्तल ने कहा कि मूल्यांकन संबंधी इस प्रकार की त्रुटियां विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए बोर्ड को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करनी चाहिए। गौरतलब है कि इस वर्ष सीबीएसई हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के लगभग 840 छात्र-छात्राओं ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किए हैं। इस संबंध में सीबीएसई के हाथरस समन्वयक डॉ. जगदीश शर्मा ने कहा कि बोर्ड के लिए विद्यार्थियों की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पुनर्मूल्यांकन से संबंधित प्राप्त सभी आवेदनों का नियमानुसार लगातार निस्तारण कराया जा रहा है।























