सिकंदराराऊ 31 मई । नगर के प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व के रामबाग मंदिर को उसकी वर्तमान दुर्दशा से मुक्त कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “रामबाग मुक्ति अभियान” के तहत प्रथम बैठक रविवार को भूतेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शिवकुमार शर्मा ने की, जबकि संचालन अभियान के आयोजक विवेकशील राघव द्वारा किया गया। बैठक में मंदिर से जुड़े दोनों पक्षकारों के साथ-साथ सर्वसमाज के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने मंदिर की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों पक्षों से एक सप्ताह के भीतर आपसी सहमति से समाधान निकालने तथा मंदिर के संरक्षण एवं विकास की दिशा में सकारात्मक सहयोग करने का आग्रह किया। बैठक के दौरान कुछ समय के लिए हल्की नोंकझोंक की स्थिति भी बनी, लेकिन सर्वसमाज के हस्तक्षेप और सुझावों के बाद दोनों पक्ष समाधान के पक्ष में सहमत दिखाई दिए। उपस्थित लोगों ने कहा कि मंदिर किसी एक व्यक्ति या पक्ष की नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसके संरक्षण और विकास के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। बैठक के उपरांत सर्वसमाज की मौजूदगी में दोनों पक्षों को मंदिर की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के लिए रामबाग मंदिर का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर की जर्जर एवं उपेक्षित स्थिति को देखकर लोगों ने चिंता व्यक्त की और इसके शीघ्र समाधान का संकल्प लिया। सर्वसमाज के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से मंदिर के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं विवाद के शांतिपूर्ण समाधान में हर संभव सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया। बैठक में नगर एवं क्षेत्र की जनता का व्यापक प्रतिनिधित्व देखने को मिला।
इस अवसर पर डॉ. प्रदीप गर्ग, भानुप्रताप सक्सेना, नागेंद्र सिंह राणा, देवेंद्र दीक्षित ‘शूल’ एडवोकेट, पंकज पंडा, दीपक चौहान, गजेंद्र चक, राजेंद्र सूफी, नीरज वैश्य, विपिन कुमार, गुरुशरण द्विवेदी, सुधीर तिवारी, संजीव कुमार, देवेंद्र सविता, शिवम पौरुष, अमन गुप्ता, अजय पालीवाल एडवोकेट, ललित द्विवेदी, नीरू यादव, लकी शर्मा, नरेंद्र चौहान, अतुल यादव, आशीष शर्मा, आकाश शर्मा, शिवदत्त उपाध्याय, विजय पुंढीर, शौर्य शर्मा, ज्ञानप्रकाश शर्मा, कुंजबिहारी लाल वर्मा, मनोज पंडित, पंकज शर्मा, गजेंद्र परमार, आयुष यादव, पुनीत चौहान, शिव शर्मा, विष्णु शर्मा, हिमांशु दीक्षित, शूरवीर सिंह एडवोकेट, योगेंद्र सिंह सहित दर्जनों नागरिक उपस्थित रहे।


























