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हाथरस 31 मई । शहर के सादाबाद गेट स्थित प्रसिद्ध हनुमान जी मंदिर (बालाजी मंदिर) में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान व्यास श्री बागीष दत्त गौड़ जी महाराज ने भगवान श्रीराम के चित्रकूट आगमन का अत्यंत भावपूर्ण एवं मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण जी चित्रकूट पहुंचे, जहां तीनों ने मिलकर एक सुंदर पर्णकुटी का निर्माण किया और आदर्श जीवन का संदेश दिया। कथा के दौरान व्यास जी ने अयोध्या में माता कौशल्या के वात्सल्य और विरह का हृदयस्पर्शी प्रसंग सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार वे प्रभु श्रीराम के बचपन की रत्नजड़ित पन्हैया को हृदय से लगाकर उनकी स्मृतियों में भाव-विभोर हो जाती थीं। इस मार्मिक प्रसंग को सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इस अवसर पर श्री वेद भगवान सनातन धर्म सभा रजिस्टर्ड, हाथरस (उत्तर प्रदेश) के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा “फौजी” ने रामायण एवं तुलसी ग्रंथ पर मखमली पटका अर्पित कर व्यास जी का सम्मान किया तथा श्री वेद भगवान के प्रसाद स्वरूप पीत पटिका भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया। व्यास जी ने भी उन्हें अपने निकट स्थान प्रदान कर माल्यार्पण करते हुए सम्मानित किया। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के आदर्शों एवं उनकी कृपा दृष्टि का गुणगान संगीतमय भजनों के माध्यम से निरंतर चलता रहा। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से आरती वंदन में सहभागिता की। “प्रथम आरती श्री रामायण जी की, कीरति ललित सिय पी की”, “आरती रघुनाथ जी की” तथा “श्री रामचंद्र कृपालु भजमन” एवं “आरती श्री हनुमान लला की” जैसे भक्तिमय भजनों से वातावरण पूरी तरह राममय हो गया। आरती वंदन के उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा “जय सियाराम” एवं “जय-जय हनुमान” के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीराम की कथा का रसपान कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।

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