
हाथरस 25 मई। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के जिला प्रचारक जयकिशोर के साथ हुई बहुचर्चित मारपीट मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी आरोपियों को तलब किया है। न्यायालय ने अभियुक्तों के विरुद्ध जान से मारने के प्रयास, डकैती, चोरी की संपत्ति रखने एवं स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने जैसी गंभीर धाराओं में मामला बनते हुए 11 जून 2026 तक न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के निर्देश जारी किए हैं। गौरतलब है कि एक फरवरी 2026 को जिला प्रचारक जयकिशोर नवल नगर स्थित संघ कार्यालय जा रहे थे। इसी दौरान वाहन हटाने को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के बाद कुछ लोगों ने उन पर लोहे की रॉड, डंडों आदि से हमला कर दिया और उन्हें गंभीर हालत में छोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों एवं संघ कार्यकर्ताओं ने घायल जिला प्रचारक को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आगरा रेफर कर दिया गया था। प्रकरण में आरएसएस के सह विभाग कार्यवाह अजय कुलश्रेष्ठ द्वारा जानलेवा हमला एवं लूटपाट सहित विभिन्न धाराओं में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए टीम गठित कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और बाद में न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। बताया गया कि 16 फरवरी को आरोपियों को जमानत मिल गई थी। इसके बाद वादी पक्ष के अधिवक्ता ने ऊपरी अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। 25 फरवरी को न्यायालय ने पूर्व आदेशों में आंशिक संशोधन करते हुए धारा 109(1) एवं 110 भारतीय न्याय संहिता से संबंधित आदेश निरस्त कर दिए तथा धारा 311 को 304(2) में परिवर्तित करने का आदेश भी निरस्त कर दिया। न्यायालय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हाथरस को निर्देश दिया कि धारा 109(1) एवं 311 के संबंध में पुनः रिमांड आदेश पारित किया जाए। इसके अनुपालन में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हाथरस ने 23 मई को आदेश जारी करते हुए आरोपी सतीश उर्फ डब्बू, तरुण, देव एवं सचिन को निर्देशित किया कि वे 11 जून 2026 तक न्यायालय में आत्मसमर्पण करें। अदालत ने माना कि धारा 190, 191(3), 311, 317(3), 109(1) एवं 117(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत न्यायिक अभिरक्षा योग्य मामला बनता है। मामले की अगली सुनवाई 11 जून को निर्धारित की गई है।


























