
सादाबाद 21 मई । जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों और सुपरवाइजरों को गुरुवार को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। तहसील प्रशासन गणना किट उपलब्ध कराने में विफल रहा, जिसके कारण केवल पहचान पत्र वितरित किए गए। इस दौरान एक शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बीच विवाद हो गया, जो मारपीट में बदल गया। प्रगणकों और सुपरवाइजरों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सुबह 9 बजे तहसील सभागार पहुंचने का संदेश दिया गया था। निर्देश मिलने पर बड़ी संख्या में शिक्षक समय पर पहुंच गए, लेकिन सभागार पर ताला लटका मिला। उन्हें लगभग एक घंटे तक बाहर इंतजार करना पड़ा, जिससे उनमें रोष व्याप्त हो गया। सुबह करीब 10 बजे कार्यालय खुलने के बाद शिक्षकों को अंदर बुलाया गया। उन्हें उम्मीद थी कि जनगणना कार्य से संबंधित गणना किट वितरित की जाएगी, लेकिन तहसील प्रशासन किट उपलब्ध नहीं करा सका। इसके बजाय, केवल पहचान पत्र बांटे जाने लगे, जिससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ गई।
इसी दौरान, माहौल तब और गर्मा गया जब एक प्रगणक अपनी पत्नी, जो स्वयं भी प्रगणक थीं, का पहचान पत्र लेने पहुंचा। आरोप है कि तहसील के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उस शिक्षक से अभद्रता की और कुर्सी उठाकर हमला करने का प्रयास किया। इस घटना से वहां अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी की इस हरकत से अन्य शिक्षक आक्रोशित हो उठे और उन्होंने आरोपी कर्मचारी को पकड़ कर उससे मारपीट कर दी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना के बाद तहसील परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें भीषण गर्मी में घंटों परेशान होना पड़ा। उन्होंने समय पर व्यवस्था न होने और कर्मचारियों के दुर्व्यवहार पर आक्रोश व्यक्त किया। वहीं, तहसील प्रशासन ने इस पूरे मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की। एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि जनगणना की किट धीरे-धीरे वितरित की जा रही है। उन्होंने मारपीट की घटना को लेकर कहा कि कर्मचारी और शिक्षक के बीच नोकझोंक हुई थी, और अब मामला पूर्ण रूप से शांत है।























