
हाथरस 13 मई । अखिल भारतीय पंचायत परिषद उत्तर प्रदेश (अराजनैतिक) के बैनर तले बुधवार को बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने हुंकार भरी। परिषद के जिलाध्यक्ष मनोज सिसौदिया के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने खंड विकास अधिकारी (BDO) देवेंद्र सिंह से मुलाकात की और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाने की पुरजोर मांग की गई है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान परिस्थितियों में पंचायत चुनाव समय पर संपन्न होना संभव नहीं दिख रहा है। परिषद ने तर्क दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण, पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन और ट्रिपल टेस्ट जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं के पूरा न होने के कारण चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ऐसी स्थिति में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाना ही एकमात्र व्यावहारिक समाधान है। पंचायत परिषद ने सरकार को आगाह किया कि यदि पंचायतों में सरकारी प्रशासक नियुक्त किए जाते हैं, तो इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। प्रतिनिधियों का कहना है कि निर्वाचित प्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं, इसलिए उन्हें ही प्रशासक के रूप में कार्य जारी रखने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्य बाधित न हों। परिषद ने उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मामले में तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने मांग की है कि निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को ही प्रशासक बनाए जाने संबंधी शासनादेश जल्द से जल्द जारी किया जाए ताकि लोकतांत्रिक निरंतरता बनी रहे।


























