
सासनी 10 मई । कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। रविवार को जलेसर रोड पर हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल चार लोग अस्पताल में तड़पते रहे, लेकिन इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक करीब आधे घंटे तक मौके से नदारद रहे। समय पर इलाज न मिलने के कारण घायलों के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों में भारी रोष देखा गया। जानकारी के अनुसार, रविवार को जलेसर रोड स्थित गंदे नाले के पास दो बाइकों की आमने-सामने से जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची एम्बुलेंस ने सभी घायलों को उपचार के लिए तत्काल सासनी सीएचसी पहुँचाया।

इमरजेंसी से गायब मिले डॉक्टर
हैरानी की बात यह रही कि जब एम्बुलेंस घायलों को लेकर अस्पताल पहुँची, तो इमरजेंसी वार्ड में तैनात चिकित्सक अपनी ड्यूटी से गायब थे। घायल मरीज दर्द से कराह रहे थे और अस्पताल में चीख-पुकार मची थी, लेकिन वार्ड बॉय और फार्मासिस्ट के अलावा वहां कोई जिम्मेदार चिकित्सक मौजूद नहीं था। करीब 30 मिनट तक अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर
लगभग आधा घंटे की देरी से पहुँचे चिकित्सक ने घायलों का परीक्षण किया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रेफर किए गए घायलों में पिता-पुत्र सत्यपाल व सूरज कुमार के साथ हरवीर और रोहदास शामिल हैं।

क्या बोले जिम्मेदार?
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की इस लापरवाही पर जब एमओआईसी डॉ. पंकज से बात की गई, तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं जानकारी कर रहा हूँ कि जिस चिकित्सक की ड्यूटी इमरजेंसी में थी, वह मौके पर मौजूद थे या नहीं। जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा।
लगातार चर्चा में रहती है सीएचसी की बदहाली
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सासनी सीएचसी में चिकित्सकों की मनमानी और ड्यूटी से गायब रहने का यह कोई पहला मामला नहीं है। अक्सर मरीजों को यहाँ इसी तरह की अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही की जांच कर दोषी चिकित्सक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

























