
हाथरस 10 मई । जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और उद्यमियों को सुगम व्यापार की सुविधा देने के लिए शुरू किया गया ‘निवेश मित्र’ पोर्टल वर्तमान में सरकारी विभागों की उदासीनता का शिकार होता नजर आ रहा है। प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी एकल खिड़की प्रणाली (सिंगल विंडो सिस्टम) के दावों के विपरीत, ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि विभिन्न विभागों में दर्जनों आवेदन समय सीमा बीत जाने के बाद भी अटके हुए हैं। अब तक पोर्टल पर प्राप्त कुल 233 आवेदनों में से केवल 143 को ही स्वीकृति मिल पाई है, जबकि 69 आवेदन समय सीमा के भीतर और 06 आवेदन समय सीमा समाप्त होने के बावजूद लंबित पड़े हैं। विभागों की इस कार्यप्रणाली में यूपीसीडा की स्थिति सबसे खराब है, जहाँ समय सीमा बीतने के बाद भी 6 मामले लंबित हैं और 20 आवेदन प्रक्रिया में हैं। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग में 11, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 8 और एमएसएमई विभाग में 3 आवेदन अभी तक निस्तारित नहीं हुए हैं।
प्रशासनिक लेटलतीफी के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा संबंधी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी उद्यमियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। औद्योगिक क्षेत्रों की ऊंची इमारतों में आग बुझाने के लिए पर्याप्त संसाधनों का न होना किसी बड़े खतरे को निमंत्रण दे रहा है। इस संबंध में उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र, अजिलेश कुमार का कहना है कि लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों से वार्ता की जा रही है। गौरतलब है कि निवेश मित्र पोर्टल का मुख्य उद्देश्य उद्यमियों को 100 से अधिक सेवाएं 15 से 30 दिनों के भीतर एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना था, लेकिन विभागों की सुस्ती ने इस लक्ष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।

























