
हाथरस 09 मई । शहर के हाथरसी रोड स्थित किले के पीछे श्री राम बगीची में आयोजित ‘श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ’ में इन दिनों भक्ति की अविरल गंगा बह रही है। कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर आगरा से पधारे परम श्रद्धेय कथा व्यास श्री अखिलेश कृष्ण शास्त्री जी ने अपनी अमृतमयी वाणी से भक्तों को भावविभोर कर दिया। पांचवें दिन की कथा में मुख्य अतिथि के रूप में निवर्तमान पालिकाध्यक्ष पं० आशीष शर्मा ने शिरकत की। उन्होंने सर्वप्रथम व्यास पीठ और श्रीमद्भागवत महापुराण की विधिवत पूजा-अर्चना की और कथा व्यास का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजक मंडल द्वारा पूर्व पालिकाध्यक्ष का जोशीला और भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पूरा पंडाल भगवान के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पूर्व पालिकाध्यक्ष पंडित आशीष शर्मा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा साक्षात भगवान श्री कृष्ण का स्वरूप है। कलयुग में मन की शांति और उद्धार के लिए हरि नाम स्मरण से सरल कोई मार्ग नहीं है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि शास्त्री जी के मुखारविंद से जो ज्ञान और संस्कार मिल रहे हैं, उन्हें केवल पंडाल तक सीमित न रखें, बल्कि अपने जीवन और आचरण में भी उतारें। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज में प्रेम और सकारात्मकता बढ़ाने वाला बताया। कथा स्थल पर प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ उठा रहे हैं। इस अवसर पर पप्पू सेठ कछपुरा वाले, नानक चंद माहौर, वीरेंद्र ठाकुर, बुद्ध सेन माहौर, राजू कुशवाहा, बबलू कुशवाहा, रवि कुशवाहा, जीतू कुशवाहा, रामपाल मास्टर, मूलचंद कुशवाहा, अनिल, दिनेश कुशवाहा, आकाश कुशवाहा, शिवम कुशवाहा (आगरा), अशोक कुमार कुशवाहा (सुखना) सहित बड़ी संख्या में स्थानीय भक्तगण उपस्थित रहे।
























