
हाथरस 09 मई । उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा जिले के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को प्रीपेड से वापस पोस्टपेड व्यवस्था में शामिल किए जाने के बाद अब उपभोक्ताओं को दोबारा जमानत (सिक्योरिटी) धनराशि जमा करनी होगी। विभाग के इस निर्णय का सीधा असर जिले के करीब 1.45 लाख उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
क्यों जमा करनी होगी दोबारा सिक्योरिटी?
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जब पूर्व में पोस्टपेड कनेक्शनों को स्मार्ट मीटर में बदलकर प्रीपेड किया गया था, तब उपभोक्ताओं की पुरानी सिक्योरिटी राशि को उनके बिजली उपभोग में समायोजित (Adjust) कर दिया गया था। अब व्यवस्था दोबारा पोस्टपेड होने के कारण उपभोक्ताओं को अपने स्वीकृत किलोवाट भार के अनुसार नई सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। राहत की बात यह है कि यह धनराशि पुरानी दरों पर ही ली जाएगी।
चार किश्तों में जमा होगा पैसा, जून में आएगा पहला बिल
उपभोक्ताओं पर एकमुश्त आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए विभाग ने सुरक्षा धनराशि को चार बिलों में किश्तों के रूप में वसूलने की योजना बनाई है। मई माह की बिजली खपत का पहला पोस्टपेड बिल जून माह में जारी किया जाएगा। प्रत्येक माह की 10 तारीख तक बिल जनरेट होंगे और भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। निर्धारित समय के बाद भुगतान न होने पर सात दिन की मोहलत मिलेगी, जिसके बाद बिजली विच्छेदन (डिस्कनेक्शन) की कार्यवाही की जा सकती है।
बकायेदारों को किश्तों की सुविधा और रिचार्ज का समायोजन
विभाग ने बकायेदारों को बड़ी राहत देते हुए 30 अप्रैल 2026 तक के बकाया बिल को 10 किश्तों में जमा करने की सुविधा दी है। अन्य श्रेणियों के लिए पहली किश्त 40% और शेष दो किश्तें 30-30% के रूप में तय की गई हैं। वहीं, मई माह में उपभोक्ताओं द्वारा किए गए प्रीपेड रिचार्ज को आगामी बिलों में ‘अग्रिम जमा’ (Advance Payment) के रूप में समायोजित किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उपभोक्ताओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
























