
हाथरस 09 मई । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय की अध्यक्षता में दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुई इस लोक अदालत में न्याय की सुलभता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए कुल 71,193 विभिन्न प्रकृति के वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान करोड़ों रुपये के समझौतों के साथ-साथ वर्षों से लंबित मुकदमों का भी निपटारा हुआ। लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 25 मामलों में 2 करोड़ 7 लाख 75 हजार रुपये का हर्जाना दिलाया गया, जबकि प्रिलिटीगेशन स्तर पर बैंकों के 497 मामलों में 4 करोड़ 52 लाख 65 हजार रुपये के समझौते हुए। इसके अतिरिक्त हजारों की संख्या में राजस्व, लघु आपराधिक, विद्युत और चालान संबंधी मामलों को निपटाया गया।

लोक अदालत का सबसे मानवीय पहलू पारिवारिक न्यायालय में देखने को मिला, जहाँ प्रधान न्यायाधीश बाबूराम के प्रयासों से 10 जोड़े आपसी मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने के लिए राजी हुए और हंसी-खुशी अपने घर विदा हुए। वहीं, वर्षों पुराने लंबित मामलों में भी बड़ी सफलता मिली; मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरज मिश्रा ने 10 वर्ष पुराने फौजदारी मामले में समझौता कराया, जबकि अपर सिविल जज दीपकनाथ सरस्वती के न्यायालय में वर्ष 2004 से लंबित (करीब 20 वर्ष पुराने) एक मारपीट के मुकदमे का शांतिपूर्ण पटाक्षेप हुआ। कार्यक्रम के अंत में प्राधिकरण की प्रभारी सचिव जयहिन्द कुमार सिंह ने सफल आयोजन के लिए सभी न्यायिक अधिकारियों, बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं, बैंक कर्मियों और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।


























