हाथरस 08 मई। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपतिआनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में राजभवन के गांधी सभागार में कल राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, अलीगढ़ से संबद्ध महाविद्यालयों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में सरस्वती (स्नातकोत्तर) महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मृदुल दीक्षित ने प्रतिभाग करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं संस्थागत उपलब्धियों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया। बैठक में माननीय उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, अपर मुख्य सचिव सुधीर एम. बोबडे, विशेष सचिव बद्रीनाथ सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन.बी. सिंह एवं निदेशक (उच्च शिक्षा) डॉ. बी.एल. शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
प्राचार्य डॉ. मृदुल दीक्षित ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से महाविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि संस्थान के विद्यार्थी लगातार विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही महाविद्यालय के शिक्षकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में शोध पत्र प्रकाशित किए जा रहे हैं, जिससे संस्थान की अकादमिक पहचान मजबूत हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि सत्र 2025-26 में महाविद्यालय में प्रवेश की स्थिति संतोषजनक रही है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के कारण प्रतिवर्ष छात्र-छात्राओं के नामांकन में उत्साहजनक वृद्धि हो रही है। प्रस्तुति में आधुनिक प्रयोगशालाओं, समृद्ध पुस्तकालय एवं छात्रों के लिए उपलब्ध अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की जानकारी भी साझा की गई।
समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने सभी महाविद्यालयों को गुणवत्ता सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों को अनिवार्य रूप से NAAC मूल्यांकन प्रक्रिया पूर्ण करनी चाहिए, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थान की प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। साथ ही उन्होंने छात्र नामांकन बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने तथा शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया। बैठक के अंत में प्राचार्य डॉ. मृदुल दीक्षित ने आश्वस्त किया कि कुलाधिपति महोदया के निर्देशों के अनुरूप सरस्वती (स्नातकोत्तर) महाविद्यालय शिक्षा की गुणवत्ता, शोध गतिविधियों और संस्थान की ग्रेडिंग में सुधार हेतु निरंतर कार्य करता रहेगा।























