
हाथरस 07 मई । मानव कल्याण सामाजिक संस्था ने उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की मांग की है। गुरुवार को संस्था के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी हाथरस के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटरों की तकनीकी त्रुटियों और अत्यधिक बिलिंग के कारण जनता में भारी आक्रोश है। इस विसंगति के विरुद्ध शांतिपूर्ण आवाज उठाने वाले निर्दोष लोगों पर एफआईआर दर्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
संस्था के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय और मुख्य संरक्षक वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश बल्लभ वशिष्ठ ने कहा कि प्रदर्शनकारी अपराधी नहीं बल्कि बिजली विभाग की मनमानी से त्रस्त पीड़ित हैं। प्रदेश के युवाओं और नागरिकों के भविष्य को देखते हुए इन मुकदमों को तत्काल निरस्त किया जाना अनिवार्य है। जिलाध्यक्ष नारायण लाल, महामंत्री कन्हैया वार्ष्णेय और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र वार्ष्णेय ने संयुक्त रूप से कहा कि जब तक दर्ज मुकदमे वापस नहीं होते, जनता में असुरक्षा का भाव बना रहेगा। संस्था ने मांग की है कि प्रदेश में पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और आंदोलनकारियों का उत्पीड़न रोका जाए। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।


























