
हाथरस 06 मई । ‘मानव कल्याण सामाजिक संस्था’ ने बिजली उपभोक्ताओं के हित में एक महत्वपूर्ण आवाज उठाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा है। संस्था ने नए बिजली कनेक्शनों पर प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म करने के सरकारी फैसले का स्वागत तो किया है, लेकिन साथ ही पूर्व में लग चुके प्रीपेड मीटरों को भी तत्काल हटाने की पुरजोर मांग की है। ज्ञापन सौंपते हुए संस्था के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय ने कहा कि वर्तमान में लगे प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए गले की फांस बन गए हैं। इन मीटरों में सबसे बड़ी शिकायत गलत रीडिंग की आ रही है, जिससे आम जनता को वास्तविक खपत से कहीं अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। इसके अलावा, रिचार्ज खत्म होते ही बिना किसी सूचना के बिजली कट जाने से परिवारों को मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।जनपद सहित पूरे प्रदेश में लगे पुराने प्रीपेड मीटर हटाकर उनके स्थान पर सादा (पोस्टपेड) मीटर लगाए जाएं। उपभोक्ताओं को मासिक बिलिंग की सुविधा दी जाए ताकि मीटर रीडिंग और खर्च में पारदर्शिता बनी रहे। संस्था के पदाधिकारियों का तर्क है कि जब सरकार ने स्वयं प्रीपेड व्यवस्था को अव्यावहारिक मानकर नए कनेक्शनों पर इसे बंद कर दिया है, तो पुराने उपभोक्ताओं पर इसे थोपना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। इस अवसर पर मुख्य संरक्षक एवं विधि सलाहकार वरिष्ठ एडवोकेट राकेश बल्लभ वशिष्ठ, जिला अध्यक्ष नारायण लाल, जिला महामंत्री कन्हैया वार्ष्णेय, और जिला परिषद उपाध्यक्ष राजेन्द्र वार्ष्णेय सहित संस्था के अनेक सदस्य व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।























