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लखनऊ 04 मई । उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के करीब 3.5 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात देते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया है। अब प्रदेश में लगे सभी स्मार्ट मीटर ‘पोस्टपेड’ मीटर की तरह काम करेंगे। यानी, अब उपभोक्ताओं को पहले की तरह बिजली इस्तेमाल करने के बाद महीने के अंत में बिल का भुगतान करना होगा। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोशल मीडिया (X) पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि उपभोक्ताओं से मिल रही तकनीकी शिकायतों और भारी विरोध के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। अब हर महीने की 1 से 30 तारीख तक का बिल अगले 10 दिनों के भीतर एसएमएस या व्हाट्सएप के जरिए भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में महीने के बीच में उपभोक्ता की बिजली नहीं काटी जाएगी। जिन उपभोक्ताओं का पुराना बिजली बिल बकाया है, सरकार ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए 10 किस्तों में भुगतान करने की सुविधा दी है। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपना मोबाइल नंबर बिजली विभाग में अपडेट करा लें ताकि समय पर बिल और सूचनाएं मिल सकें। प्रदेश में करीब 75 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके थे, जिनका पूरे प्रदेश में तीव्र विरोध हो रहा था। उपभोक्ताओं का आरोप था कि ये मीटर तेज चलते हैं और रिचार्ज खत्म होते ही तत्काल बिजली काट दी जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दिए थे। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा की निरंतर कानूनी लड़ाई और मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पावर कॉरपोरेशन को अपना फैसला वापस लेना पड़ा।

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