
हाथरस 02 मई । जनपद के गाँव वाहनपुर में दो दिन पूर्व पुतला दहन को लेकर हुए विवाद के बाद अब राजनीति गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रामनारायण काके ने शनिवार को गाँव वाहनपुर पहुँचकर उन ग्रामीणों का सम्मान किया, जिन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी का पुतला फूंकने से रोक दिया था। सपा नेताओं ने ग्रामीणों की इस एकजुटता को लोकतंत्र की जीत बताया। काके ने आरोप लगाया कि दो दिन पूर्व भाजपा के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता गाँव वाहनपुर में सपा मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन करने पहुँचे थे। आरोप है कि इस दौरान ग्रामीणों ने उनका कड़ा विरोध किया, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। ग्रामीणों के कड़े रुख को देखते हुए उन्हें बिना पुतला फूंके ही वहां से वापस लौटना पड़ा था। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हुआ है।
गाँव पहुँचे सपा नेता रामनारायण काके ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने गाँव की महिलाओं और छात्राओं को बहला-फुसलाकर इस उद्देश्य से बुलाया था कि वे विपक्षी नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करें। काके ने कहा कि गाँव की जागरूक महिलाओं ने भाजपा की इस साजिश को नाकाम कर दिया और पुतला दहन करने से रोक दिया। यह समाज की संवेदनशीलता और सच्चाई की जीत है।
गाँव के कार्यकर्ता गौरव वाल्मीकि की सूचना पर पहुँचे सपा नेताओं ने इस विरोध का नेतृत्व करने वाली महिलाओं और पुरुषों का आभार व्यक्त किया। सम्मान समारोह के दौरान डोली सूर्यवंशी, अनीता वाल्मीकि, खुशहाली राम सूर्यवंशी, शोएब खान और नागपाल सिंह सेंगर सहित अनेक ग्रामीणों को माला पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को गौरीशंकर बघेल, अनिल कुमार वार्ष्णेय, शैलेंद्र कुमार सेंगर, सुरेश जादौन उर्फ काला, अतुल कुमार सेंगर, बृजेश ठाकुर और इरशाद अली ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर दीपक शर्मा, वर्षा, शकुंतला, सुंदरी, कविता, भारतेंद्र सिंह, ओमपाल सिंह, बशीर खान, सूरज श्याम, सियाराम, यादराम सिंह, रहमान, सुनील कुमार और आर्यन सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।


























