
हाथरस 30 अप्रैल। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र से 4 वर्षीय बालक कविश के अपहरण के मामले में न्यायालय ADJ/FTC-1 ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। 9 मई 2025 को घटित इस घटना में पुलिस अधीक्षक हाथरस, चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने अभूतपूर्व कार्यक्षमता का परिचय दिया था। पुलिस ने लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से अवलोकन किया और अपराधियों का पीछा करते हुए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पार कर विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) से अभियुक्तों को धर दबोचा। इस सफल अभियान में न केवल बालक कविश को सकुशल बरामद किया गया, बल्कि उनके चंगुल से 4 अन्य बच्चों को भी छुड़ाकर एक बड़े अंतर्राज्यीय बच्चा चोर गैंग का भंडाफोड़ किया गया।
विवेचक निरीक्षक गिरीश कुमार गौतम और विजय कुमार सिंह द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना करते हुए समयबद्ध तरीके से आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन शाखा की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आज दिनांक 30 अप्रैल 2026 को न्यायालय ने दोषी पाए गए मोनू पाठक, नेहा पाठक (निवासी हाथरस) और आंध्र प्रदेश के मेहदी पाटला राघवेन्द्र, सुब्बा लक्ष्मी व वोडेडा मल्लिकार्जुन को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और प्रत्येक पर 20,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला न केवल अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है, बल्कि हाथरस पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित न्याय प्रक्रिया की सफलता का प्रतीक भी है।

























