सिकंदराराऊ (हसायन) 29 अप्रैल । कोतवाली क्षेत्र के गांव बकायन में बुधवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब काफी समय से जलाशय में छिपे एक मगरमच्छ को ग्रामीणों ने बाहर निकलते देखा। कई दिनों से तालाब में मगरमच्छ होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन वह बार-बार पानी में छिप जाने के कारण पकड़ा नहीं जा पा रहा था। दोपहर अचानक मगरमच्छ तालाब के किनारे आकर एक पुलिया में फंस गया, जिसे देखते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एकजुट होकर घेराबंदी की और काफी मशक्कत के बाद रस्सियों के सहारे मगरमच्छ को बांधकर काबू में कर लिया।
सूचना पाकर डायल 112 की टीम और वन विभाग के बीट प्रभारी श्रीचंद व सहायक बीट प्रभारी ललित गिरि मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया। वन विभाग की टीम जब सुरक्षित रेस्क्यू कर मगरमच्छ को एटा की हजारा नहर में छोड़ने पहुंची, तो वहां एक रोमांचक और खतरनाक मंजर देखने को मिला। जैसे ही मगरमच्छ को नहर में मुक्त किया गया, उसने अचानक पलटा मारकर वन कर्मियों पर झपट्टा बोल दिया। मगरमच्छ के इस जानलेवा हमले से वन कर्मचारी अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। हालांकि, टीम ने सूझबूझ से काम लेते हुए मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से जलधारा में विसर्जित कर दिया। स्थानीय निवासियों ने मगरमच्छ पकड़े जाने के बाद राहत की सांस ली है।






















