
हाथरस 21 अप्रैल । भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी चेतावनी और जनपद में तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के दृष्टिगत, प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा हेतु ‘क्या करें और क्या न करें’ की विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। वातावरणीय तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने पर शरीर पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को देखते हुए जनपदवासियों से अपील की गई है कि वे बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और यथासंभव घर की निचली मंजिल पर रहें। गर्मी के इस मौसम में खुद को हाइड्रेटेड रखना सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए प्यास न लगने पर भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें और ओ.आर.एस., लस्सी, नींबू पानी, छाछ जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करें। बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती वस्त्र पहनें तथा धूप का चश्मा, छाता, टोपी और चप्पलों का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। साथ ही, अपने चेहरे और हाथों को कपड़े से ढक कर रखें। कार्यस्थलों पर ठंडे पानी की व्यवस्था रखने और श्रमसाध्य कार्यों को केवल ठंडे समय (सुबह या शाम) में ही करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने सुरक्षा के अन्य पहलुओं पर भी जोर देते हुए नागरिकों को विद्युत उपकरणों के प्रयोग में सावधानी बरतने और सुबह 6 से 9 बजे के बीच ओवरलोडिंग से बचने का सुझाव दिया है ताकि बिजली संकट उत्पन्न न हो। लू के दौरान दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में निकलने, गहरे रंग के तंग कपड़े पहनने और अल्कोहल, चाय या कॉफी जैसे पदार्थों के सेवन से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। छोटे बच्चों और पालतू जानवरों को कभी भी बंद या खड़ी गाड़ी में अकेला न छोड़ें। यदि किसी व्यक्ति में कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द या बेहोशी जैसे हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत छाया में लिटाकर गीले कपड़े से पोंछें और निकटतम चिकित्सक से संपर्क करें। इसके अतिरिक्त, बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें और विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं व बीमार व्यक्तियों का अधिक ध्यान रखें। सतर्कता और सावधानी ही इस भीषण गर्मी में बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।
























