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आगरा 30 मार्च । शारदा वर्ल्ड स्कूल द्वारा वर्तमान एवं नव-प्रवेशित अभिभावकों के लिए एक विस्तृत अभिभावक ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस सत्र का संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सत्यकि बनर्जी द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्कूल और अभिभावकों के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित करना तथा आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए विद्यालय की शैक्षणिक दृष्टि एवं प्राथमिकताओं को स्पष्ट करना था। इस अवसर पर विद्यालय के सम्मानित नेतृत्व दल की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसमें शारदा वर्ल्ड स्कूल के सीईओ श्री प्रशांत गुप्ता, अर्ली लर्निंग सेंटर की संस्थापक सुश्री प्रियंका गुप्ता शामिल रहीं। उनका निरंतर मार्गदर्शन संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की दृष्टि (Vision) और मिशन (Mission) के परिचय से हुई, जिसमें यह बताया गया कि ये आधुनिक शिक्षण पद्धतियों के साथ किस प्रकार जुड़े हुए हैं। श्री बनर्जी ने बताया कि विद्यालय में 21वीं सदी की कक्षाओं का उद्देश्य जिज्ञासा-आधारित (Inquiry-based) और छात्र-केंद्रित (Learner-centric) शिक्षण के माध्यम से सार्थक अधिगम अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रश्न पूछना, विचार करना और आत्म-चिंतन करना दैनिक शिक्षण प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है, जिससे विद्यार्थियों में स्वतंत्र एवं आलोचनात्मक सोच विकसित होती है।

अभिभावकों को यह भी बताया गया कि कैसे अनुप्रयोग-आधारित (Application-based) शिक्षण को वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से लागू किया जाता है, ताकि विद्यार्थी अपने ज्ञान को व्यावहारिक परिस्थितियों से जोड़ सकें। शैक्षणिक संरचना और पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें “ग्लोबल पर्सपेक्टिव्स” के समावेशन पर विशेष जोर दिया गया, जिससे विद्यार्थियों में जागरूकता, समस्या-समाधान कौशल और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण विकसित होता है। साथ ही, लचीले शिक्षण वातावरण और भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकास पर भी प्रकाश डाला गया। विशेष रूप से क्षमता विकास कार्यक्रमों (Capacity Development Programmes) और क्रिएटिव लैब्स की भूमिका पर चर्चा की गई, जो विद्यार्थियों में नवाचार, आत्मविश्वास और सामाजिक कौशल को बढ़ावा देती हैं। इसके साथ ही, एक महत्वपूर्ण जीवन कौशल के रूप में वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) की शुरुआत के बारे में भी बताया गया, जिसमें विद्यार्थियों को समझदारी से खर्च करना, बैंकिंग की मूलभूत जानकारी और प्रारंभिक उद्यमिता जैसे विषयों से परिचित कराया जाएगा।

कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया गया, जिसमें सुव्यवस्थित खेल एवं फिटनेस कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न क्लब्स और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यापक अनुभव और व्यावहारिक अधिगम के अवसर प्रदान किए जाते हैं। साथ ही, शैक्षणिक यात्राओं, स्कूल कार्यक्रमों और उत्सवों की योजना के बारे में भी अभिभावकों को जानकारी दी गई, जो बच्चों के समग्र विकास में सहायक होते हैं। विद्यार्थियों के कल्याण (Well-being) और पादरीय देखभाल (Pastoral Care) को भी प्राथमिकता के रूप में प्रस्तुत किया गया। विद्यालय ने यह साझा किया कि वह एक सुरक्षित, सहयोगात्मक और संवेदनशील वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ विद्यार्थियों की भावनात्मक और सामाजिक आवश्यकताओं का भी समान रूप से ध्यान रखा जाता है।

कार्यक्रम का समापन अत्यंत सकारात्मक वातावरण में हुआ, जहाँ अभिभावकों ने विद्यालय की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली, पारदर्शी संचार और समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम अभिभावकों और विद्यालय के बीच सहयोगात्मक सहभागिता की एक मजबूत नींव स्थापित करने में सफल रहा, जो प्रत्येक विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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