
तेहरान 28 फरवरी । पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और इस्राइल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू करते हुए ईरान के कई शहरों पर हवाई हमले किए हैं। ईरान की राजधानी तेहरान में सर्वोच्च नेता खामेनेई के कार्यालय के समीप भी बमबारी की सूचना है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति पैदा हो गई है। जवाब में ईरान ने पांच देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और सऊदी अरब की राजधानी रियाद व पूर्वी क्षेत्रों पर हमले किए, जिन्हें सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिया। इस बीच इस्राइल ने दावा किया है कि उसके हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पकपौर मारे गए हैं, हालांकि ईरान ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
युद्ध की इस आग में मासूम भी झुलस रहे हैं; दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में 53 छात्राओं की दर्दनाक मौत हो गई है, जिस पर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कठोर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। बिगड़ते हालातों को देखते हुए रूस ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने और अमेरिका ने लेबनान से अपने नागरिकों को बाहर निकलने की एडवाइजरी जारी की है। वहीं, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने संयुक्त बयान जारी कर इन हमलों की निंदा की है और सैन्य कार्रवाई के स्थान पर कूटनीतिक वार्ता पर जोर दिया है। व्हाइट हाउस ने फिलहाल राष्ट्रपति ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन की अटकलों को खारिज किया है, लेकिन क्षेत्र में तनाव चरम पर बना हुआ है।














