
अलीगढ़ 30 जनवरी । मंगलायतन विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च द्वारा स्कूल ऑफ फार्मेसी के सहयोग से संकाय सदस्यों के लिए “आउटकम-बेस्ड क्वेश्चन पेपर डिजाइन करना” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य आउटकम-बेस्ड एजुकेशन (ओबीई) से जुड़ी असेसमेंट प्रथाओं को सुदृढ़ करते हुए उच्च शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में शिक्षकों को आउटकम-बेस्ड असेसमेंट के सिद्धांतों एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से अवगत कराया गया। जिससे उनकी शैक्षणिक एवं मूल्यांकन क्षमताओं में वृद्धि हो सके। बदलती मान्यता आवश्यकताओं और शैक्षणिक सुधारों के परिप्रेक्ष्य में ऐसे प्रश्न पत्रों के निर्माण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया, जो कोर्स आउटकम को प्रोग्राम आउटकम तथा ब्लूम के वर्गीकरण स्तरों के साथ प्रभावी रूप से मैप कर सकें। कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ता प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी ने आउटकम-बेस्ड एजुकेशन के वैचारिक ढांचे पर प्रकाश डालते हुए सीखने के परिणामों, शिक्षण रणनीतियों और मूल्यांकन उपकरणों के बीच सामंजस्य के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संतुलित और प्रभावी प्रश्न पत्रों के डिजाइन के सर्वोत्तम तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं डा. दीपशिखा सक्सेना ने प्रश्न पत्र निर्माण के व्यावहारिक पक्षों पर ध्यान केंद्रित करते हुए विभिन्न संज्ञानात्मक स्तरों पर आउटकम-बेस्ड प्रश्न तैयार करने की विधियों को उदाहरणों सहित समझाया। सत्र के दौरान शिक्षकों को प्रश्न पत्र डिजाइन से जुड़ी सामान्य चुनौतियों पर चर्चा करने का अवसर मिला। कार्यशाला का समापन इंटरैक्टिव प्रश्न-उत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और विषय से संबंधित जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

















