
हाथरस 03 अक्टूबर। आगामी रबी सीजन को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से विकासखंड हसायन के नगला रति में किसानों को सरसों की उन्नत किस्म RH-1975 के बीज का वितरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर तथा अटारी जोन-3, कानपुर के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराने के साथ सरसों की वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना रहा। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की बुवाई के लिए करीब 160 किसानों को उन्नत बीज वितरित किया गया। बीज वितरण कार्यक्रम केंद्र प्रभारी डॉ. श्योराज सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस दौरान सीएफएलडी के नोडल अधिकारी डॉ. बलवीर सिंह के निर्देशन में किसानों को उन्नत बीज के उपयोग, फसल प्रबंधन और सरसों की वैज्ञानिक खेती से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सरसों की बेहतर पैदावार के लिए उन्नत किस्म के बीज के साथ वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। किसानों को फसल की बुवाई एवं बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक कृषि संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई, जिससे वे रबी सीजन में सरसों की खेती से बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. आकांक्षा सिंह एवं डॉ. हरविंदर पाल के साथ सहयोगी स्टाफ अमृतपाल एवं कुलदीप उपस्थित रहे। किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से उपलब्ध कराए गए उन्नत बीज पर प्रसन्नता व्यक्त की। किसानों ने कहा कि उन्नत बीज और वैज्ञानिक खेती की जानकारी से उन्हें सरसों की फसल में बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद मिलेगी।










