
हाथरस 05 अक्टूबर। श्री दाऊजी महाराज के विशाल मेला पंडाल में सोमवार को 115वें एवं तृतीय प्रांतीय मेले के अंतर्गत पंडित किशोरी लाल स्मृति पुरस्कार समारोह एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रांची से पधारे राष्ट्रीय महामंत्री राष्ट्रीय कवि संगम महेश चंद्र शर्मा, छत्तीसगढ़ एवं ब्रज प्रांत के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, क्षेत्रीय महामंत्री एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष डॉली माहौर, वासुदेव माहौर तथा संस्थापक डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर एवं पंडित किशोरी लाल के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, सरस्वती विद्या मंदिर लेबर कॉलोनी एवं सरस्वती विद्या मंदिर आगरा रोड के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। निर्णायक मंडल के निर्णय के अनुसार सरस्वती विद्या मंदिर लेबर कॉलोनी के छात्र कृष्ण सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त कर चल वैजयंती शील्ड हासिल की, जबकि मानवी वार्ष्णेय ने द्वितीय, नव्या ने तृतीय तथा शायना ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। समारोह में करीब 25 विद्यालयों के हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 275 मेधावी विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक, धर्माचार्य, कविगण एवं पत्रकारों का भी चित्रपट, दुपट्टा एवं शॉल भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमृत सिंह पौनियां ने की तथा संचालन ताराचंद माहेश्वरी एवं अनिल बौहरे ने किया। इस अवसर पर भंवर सिंह पौरूष, डॉ. गणेश चंद्र वशिष्ठ, बागीश कुमार शर्मा, जयप्रकाश तिवारी, पंडित ऋषि कुमार कौशिक, श्याम बाबू, चिंतन देवी सिंह, निडर अविनाश पचौरी, प्रभु दयाल प्रभु, वासुदेव उपाध्याय, डॉ. कपिल शर्मा, देवेंद्र शर्मा, राहुल प्रताप सिंह, महेश चंद तिवारी, जयशंकर पाराशर (बबलू भैय्या), बृजेश वशिष्ठ, हेमेंद्र शर्मा, जीवन लाल, कविता सोनी, संतोष मुखिया, अरुण उपाध्याय, रंजन पचौरी, कालीचरण देव एवं स्वरूप शर्मा सहित अनेक लोग मौजूद रहे। संस्था के संस्थापक डॉ. जितेंद्र स्वरूप शर्मा फौजी एवं संयोजक सत्येंद्र स्वरूप शर्मा फौजी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। अंत में दाऊजी महाराज एवं रेवती मैया के जयकारों तथा “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, विश्व का कल्याण हो” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।











