सिकन्दराराऊ 17 अक्टूबर । आशा कार्यकर्ताओं ने अपने मानदेय में बढ़ोतरी समेत विभिन्न मांगों को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की है। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने वर्तमान महंगाई को देखते हुए न्यूनतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने और उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उठाई है। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता, परिवार कल्याण तथा विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी अहम जिम्मेदारी रहती है। इसके बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय उनकी मेहनत और जिम्मेदारियों के मुकाबले काफी कम है। महंगाई के दौर में सीमित मानदेय से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि उनके मानदेय में उचित वृद्धि कर इसे 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। साथ ही आशा और आशा संगिनी को निश्चित मानदेय देने तथा सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। ज्ञापन में दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य बीमा के तहत 10-10 लाख रुपये की सुरक्षा देने, ईपीएफ और ईएसआई का लाभ उपलब्ध कराने तथा बकाया प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग शामिल है। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने पांच जीबी मोबाइल इंटरनेट सुविधा और अस्पतालों में आशा विश्राम गृह की व्यवस्था किए जाने की मांग भी उठाई।
आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय लेने और समस्याओं का समाधान कराने की अपील की। ज्ञापन पर समस्त आशा कार्यकर्ताओं, विकास खंड हाथरस, जनपद हाथरस की ओर से हस्ताक्षर किए गए हैं। ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने से न केवल उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर ढंग से संचालित करने में भी मदद मिलेगी।










