सेवा संकल्प अभियान में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा, रंगोली और चित्रकला ने मोहा मन, डीएम ने किया पुरस्कृत
हाथरस 02 अक्टूबर। शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रश्नोत्तरी, चित्रकला, रंगोली, भाषण सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित छात्र-छात्राओं ने बी.एल.एस. इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद, हाथरस द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। जनपद स्तरीय आयोजन में रंगोली, चित्रकला, भाषण सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं कराई गईं। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी के साथ छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गई रंगोलियों एवं चित्रकलाओं का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया। रंगोली और आकर्षक चित्रकलाएं कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। विभिन्न विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
जिलाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, विचारों और आदर्शों से सेवा, सत्य, सादगी, अनुशासन एवं राष्ट्रहित की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बच्चों की चित्रकलाओं एवं रंगोलियों की सराहना करते हुए कहा कि विशेष रूप से सरकारी विद्यालयों के बच्चों में अपार प्रतिभा और क्षमताएं हैं। शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को केवल चित्र बनाना न सिखाएं, बल्कि चित्र में प्रयोग किए गए शब्दों, विषयों और विचारों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दें, जिससे बच्चों में रचनात्मकता के साथ-साथ ज्ञान का भी विकास हो। जिलाधिकारी ने प्रदेश में पिछले वर्षों में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के माध्यम से प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। उन्होंने पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे तथा अलीगढ़, झांसी और कानपुर में डिफेंस कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचना चाहिए। वंचित वर्ग, दिव्यांगजन, निराश्रित महिलाएं एवं बुजुर्गों तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने वित्तीय समावेशन के उदाहरण के रूप में जन-धन योजना का भी उल्लेख किया।
जिलाधिकारी ने सतत विकास पर जोर देते हुए कहा कि भूमि, जल और वन जैसे प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं। इनका उपयोग समझदारी और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रह सकें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए प्रत्येक नागरिक, अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं समाज के सभी वर्गों को सेवा-भाव के साथ मिलकर कार्य करना होगा। सामूहिक प्रयासों और बेहतर समन्वय के माध्यम से वर्ष 2047 तक सशक्त, शिक्षित एवं विकसित भारत के निर्माण का संकल्प पूरा किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को जिलाधिकारी द्वारा पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, जिला पर्यटन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी, बी.एल.एस. इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य सहित उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी, प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।





