
हाथरस 18 अगस्त। रेवती मैया मेले के तीसरे दिन मंदिर श्री दाऊजी महाराज किला हाथरस में संस्कार भारती के बैनर तले कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभक्ति, भक्ति, सामाजिक सरोकार और हास्य-व्यंग्य से जुड़ी सर्वरस कविताओं ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मुरारी लाल अग्रवाल ने बांसुरी पर प्रभु वंदना की धुन प्रस्तुत कर किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी सदर हाथरस श्री राजबहादुर सिंह ‘राज’ का सम्मान आयोजक डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अतुल आंधीवाल एडवोकेट ने किया। विशिष्ट अतिथि चंद्रगुप्त विक्रमादित्य और विजय सिंह ‘प्रेमी’ सहित सभी कवियों का मेला आयोजकों द्वारा सम्मान किया गया। संस्कार भारती के प्रांतीय संरक्षक एवं आशुकवि अनिल बौहरे के संचालन में आयोजित कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी राजबहादुर सिंह ‘राज’ ने अपनी कविता के माध्यम से कहा, “रास्ते पर गर अपने चला नहीं होता, उसको फिर मंजिल का पता नहीं होता। किरदारों में खुशबू लानी पड़ती है, कद इंसां का यूं बड़ा नहीं होता।” उनकी काव्य प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा। राजेंद्र सिंह ‘ब्रजबासी’ मथुरा ने सामाजिक एकता पर अपनी पंक्तियां प्रस्तुत करते हुए कहा, “कोई कह नहीं सकता हम नेक नहीं, इतनी ही है बुराई कि हम एक नहीं।” गाफिल स्वामी इगलास ने रेवती मैया की भक्ति में काव्य पाठ किया। चांद हुसैन ‘चांद’ कैलोरा ने देशभक्ति की रचना प्रस्तुत करते हुए श्रोताओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई। मीरा दीक्षित ने भक्ति रस से सराबोर पंक्तियां प्रस्तुत कीं, जबकि रूपम कुशवाह ने रेवती मैया की महिमा का गुणगान किया। डॉ. उपेंद्र झा ने बुजुर्गों के महत्व पर कविता सुनाई। चेतन उपाध्याय ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचना प्रस्तुत की।
रसराज ने प्रभु भक्ति पर काव्य पाठ किया, वहीं जीवन लाल शर्मा ने मीरा और तुलसी के जीवन प्रसंगों को कविता के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रभु दयाल दीक्षित और प्रदीप पंडित की प्रस्तुतियों के बाद पूरन सागर ने ब्रज भाषा में सावन और रेवती मैया की भक्ति से जुड़ी रचना सुनाकर माहौल को ब्रजमय कर दिया। मनीष वर्मा ‘मोनू’ ने सैनिकों और पुलिसकर्मियों की वर्दी को समर्पित कविता प्रस्तुत की। अध्यक्षीय काव्य पाठ करते हुए श्यामबाबू ‘चिंतन’ ने सामाजिक परिस्थितियों पर अपनी रचना सुनाई। अंत में आशुकवि अनिल बौहरे ने आशु कविता के माध्यम से श्रोताओं का मनोरंजन करते हुए कवि सम्मेलन का समापन किया। कवि सम्मेलन में बौहरे ऋषि कौशिक, पप्पन पहलवान, कृष्णा पहलवान, अर्जुन गुप्ता, कोषाध्यक्ष बांके बिहारी ‘अपना वाले’, राम गुप्ता ‘प्रेस वाले’, अशोक शर्मा, कैलाश चंद्र एडवोकेट, अशोक ‘गुड’, मुकेश जेवरी, धीरज वार्ष्णेय एडवोकेट, डॉ. नीरज वार्ष्णेय, आशू आंधीवाल, मंजू शर्मा, राजेंद्र चौधरी, सेतू शर्मा, सोनू सागर, वरेस वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे। वहीं नाग पंचमी के पावन अवसर पर प्रातः शेषावतार श्री दाऊजी महाराज एवं रेवती मैया का मंदिर सेवायत वेदांत चतुर्वेदी द्वारा महाभिषेक एवं विधि-विधान से पूजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की और रेवती मैया एवं श्री दाऊजी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।













