हाथरस (मुरसान) 15 अक्टूबर । क्षेत्र के गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर हुई नियुक्ति को लेकर एक महिला ने सवाल उठाए हैं। गांव कोटा निवासी अंजली ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर नियुक्ति पाने वाली महिला के आय प्रमाण पत्र और उसके पति-पत्नी के बैंक खातों की दोबारा जांच कराने की मांग की है। अंजली ने आरोप लगाया है कि गलत आय प्रमाण पत्र के आधार पर पात्रता के विपरीत नियुक्ति हासिल की गई है। अंजली पत्नी मनोज कुमार निवासी गांव कोटा का कहना है कि उन्होंने भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। उनका दावा है कि वह इस पद के लिए पात्रता की श्रेणी में आती हैं। आरोप है कि गांव की ही दूसरी महिला ने अपने पति की वार्षिक आय 46 हजार रुपये दर्शाकर आय प्रमाण पत्र बनवाया, जबकि महिला और उसके पति दोनों सीएससी सेंटर चलाते हैं।
अंजली का कहना है कि महिला और उसके पति के यूनियन बैंक की कोटा शाखा में चालू और बचत खाते हैं। इन खातों की जांच कराने के लिए उन्होंने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था। अंजली का कहना है कि 9 अक्टूबर को तहसील के एक अधिकारी गांव पहुंचे और जांच कर संबंधित जानकारी ले गये थे। अंजली ने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट पर 8 अक्टूबर को ही हस्ताक्षर कर दिए गए थे और इसके बाद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई। उनका दावा है कि संबंधित महिला को 13 अक्टूबर को नियुक्ति पत्र दे दिया गया। अंजली ने यह भी कहा कि उनके पति बेरोजगार हैं और परिवार के पास रोजगार का कोई साधन नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी से संबंधित महिला के पति के आय प्रमाण पत्र व दोनों के चालू और बचत बैंक खातों की दोबारा जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि राजस्व टीम स्वयं बैंक जाकर खातों का विवरण प्राप्त करे, ताकि अभिलेखों की निष्पक्ष जांच हो सके।









