हाथरस 02 अक्टूबर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती एवं पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट मुख्यालय में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 9 बजे जिलाधिकारी चैंबर के सामने किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी सहित उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उपस्थितजनों ने ‘रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम’ भजन का सामूहिक गायन कर राष्ट्रनायकों को याद किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री को नमन करते हुए जनपदवासियों को जयंती की बधाई दी। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों ने अपने जीवन और कर्मों से जो आदर्श स्थापित किए, उन्हें आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धा होगी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के जीवन-दर्शन में सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और अंतिम व्यक्ति के कल्याण को विशेष महत्व प्राप्त था। जिलाधिकारी ने कहा कि गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद का सामना करते हुए व्यक्ति की गरिमा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने अहिंसा एवं सहनशीलता के संदेश को आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि किसी विवाद की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ क्षण स्वयं को संयमित रखना कई गंभीर परिस्थितियों को टाल सकता है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आह्वान करते हुए कहा कि गांधी जी के प्रसिद्ध भजन ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए, जे पीर पराई जाणे रे’ की भावना को जनसेवा में उतारना आवश्यक है। स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प एवं पारंपरिक हुनर को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद-एक उत्पाद’, पीएम विश्वकर्मा योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों को प्रशिक्षण, बाजार और रोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उद्यमियों और आमजन की आवश्यकताओं को समझते हुए नियमों एवं प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाने की भावना से कार्य करना चाहिए। गांधी जी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए उन्होंने ग्रामीण विकास, कृषि, पशुपालन, पंचायत एवं रोजगार से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से गांवों को सशक्त बनाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच स्वच्छ, सुगम एवं समावेशी शहरों के विकास तथा दिव्यांगजन और वंचित वर्गों के लिए सरकारी भवनों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक सुविधाओं को सुगम बनाने को प्रशासन की जिम्मेदारी बताया। लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि उन्होंने सादगी, ईमानदारी, नैतिकता एवं कर्तव्यनिष्ठा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रशांत तिवारी ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों और योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और जनएकता के बल पर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि गांधी जी का स्वच्छता और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा का विचार आज भी जनसेवा से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने बदलाव की शुरुआत स्वयं से करने और गांधी जी के आदर्शों को व्यवहार में उतारने की बात कही। उन्होंने कहा कि कठिन खाद्य संकट एवं युद्ध की परिस्थितियों में लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, नैतिकता और दृढ़ नेतृत्व का परिचय दिया। उनका जीवन ईमानदारी, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
अपर जिलाधिकारी न्यायिक प्रकाश चन्द्र ने कहा कि गांधी जयंती एवं शास्त्री जयंती इन महान विभूतियों के विचारों और मूल सिद्धांतों पर चिंतन-मनन करने का अवसर है। उन्होंने गांधी जी के सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता एवं भेदभाव-मुक्त समाज के विचारों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचारों से प्रेरित होकर मार्टिन लूथर किंग जूनियर और नेल्सन मंडेला ने सामाजिक बदलाव के लिए संघर्ष किया। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री को सादगी, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा का प्रतीक बताते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट शुभेंदु गोपाल, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी विकास कुमार गौतम, वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी, सीओ चकबंदी, ओएसडी शीलेन्द्र कुमार, कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के सचिव, प्रधान सहायक प्रताप चौधरी, सहायक कोषाधिकारी की पुत्री कृतिका जैन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके जीवन, संघर्ष एवं आदर्शों को स्मरण किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को अपने जीवन एवं कार्यशैली में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन मोनिका गौतम ने किया। इस अवसर पर प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला सूचना अधिकारी, नाजिर सदर तथा कलेक्ट्रेट परिवार के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।





