
हाथरस 10 अक्टूबर। जनपद को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से जागरूकता और सक्रिय रोगी खोज अभियान को गति दी जा रही है। इसी क्रम में 8 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित टीबी उन्मूलन की ‘जोश टीम’ के शुभारंभ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा एवं युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया द्वारा किया गया। उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में लिंक के माध्यम से इस कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। हाथरस में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वेद प्रकाश की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम दिखाया गया। जनपद में टीबी उन्मूलन के लिए माय भारत (नेहरू युवा केंद्र) तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के पांच-पांच स्वयंसेवकों को शामिल कर टीम तैयार की गई है। इन टीमों को जिले के सभी ब्लॉकों एवं वार्डों में जागरूकता अभियान और टीबी के संभावित मरीजों की सक्रिय खोज के लिए जोड़ा गया है। टीम के सदस्य गांव-गांव और गली-मोहल्लों में जाकर आमजन को टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार और भारत सरकार की ओर से मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारी देंगे।
अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से खांसी आ रही है, खांसी के साथ बलगम आता है, बलगम में खून दिखाई देता है, वजन कम हो रहा है, भूख नहीं लगती, छाती में दर्द रहता है या हल्का बुखार बना रहता है, तो उसे टीबी की जांच करानी चाहिए। इसके अतिरिक्त शरीर के किसी हिस्से में गांठ होने तथा महिलाओं में प्रजनन संबंधी समस्याओं के मामलों में भी चिकित्सकीय जांच के लिए जागरूक किया जाएगा। टीम के सदस्य टीबी की समय पर जांच कराने, चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार दवा लेने और उपचार का निर्धारित कोर्स पूरा करने के महत्व को भी समझाएंगे। जिन मरीजों का उपचार चल रहा है, उन्हें विशेष रूप से जागरूक किया जाएगा कि वे डॉक्टर की सलाह के बिना बीच में दवा बंद न करें। कार्यक्रम में माय भारत (नेहरू युवा केंद्र), एनसीसी तथा राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) की टीम के अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने जनभागीदारी के माध्यम से टीबी उन्मूलन के इस अभियान को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।




