
अलीगढ़ 19 फरवरी । मंगलायतन विश्वविद्यालय के दृश्य एवं कला विभाग में “नृत्य: आत्मा के आनंद का सशक्त माध्यम” विषय पर प्रेरक व्याख्यान का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में प्रख्यात भरतनाट्यम विशेषज्ञ एवं एसोसिएट प्रोफेसर डा. अर्कदेव भट्टाचार्य ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए। डा. भट्टाचार्य ने कहा कि नृत्य केवल शारीरिक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि आत्मा की अनुभूति और भावों की सजीव प्रस्तुति है। उन्होंने भरतनाट्यम की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं भावनात्मक विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह शास्त्रीय नृत्य शैली व्यक्ति को आंतरिक शांति, आत्मविश्वास और सच्चे आनंद की अनुभूति कराती है। उनके अनुसार नृत्य साधना का माध्यम है, जो कलाकार को आत्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाने की क्षमता रखता है। कार्यक्रम के दौरान विभागाध्यक्ष डा. पूनम रानी ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नृत्य की विभिन्न तकनीकों, अभिनय तथा अभिव्यक्ति के पहलुओं से संबंधित प्रश्न पूछे। संचालन अजय सिंह राठौर ने किया। इस अवसर पर डा. प्रेमलता, विलास पालके, उदय सिंह आदि उपस्थित रहे।