सादाबाद 06 फरवरी । हाथरस रोड पर मुन्नी देवी कोल्ड स्टोरेज के निकट गुरुवार दोपहर भारतीय सेना के जवान की गोली मारकर हत्या किए जाने की सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मृतक की बहन डॉली कुमारी ने इस मामले में थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में मामा ससुर सहित 13 नामजद आरोपियों को शामिल किया गया है।
शुक्रवार को गांव समदपुर में मृतक जवान अखिलेश कुमार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। घटना के बाद गांव समदपुर में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणो का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस सहायता 112 की गाड़ियां लगातार गश्त करती रहती हैं, लेकिन घटना के समय पुलिस कहां थी। घटना को 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। रिपोर्ट में बताया है कि गुरुवार को भाई अखिलेश सिंह हाथरस कोर्ट में हत्या के प्रयास के मामले में पेशी पर गए थे। पेशी के बाद वे अपने एक दोस्त की कार से आगरा लौट रहे थे। जैसे ही उनकी कार चन्द्रा फार्म हाउस के पास पहुंची, वहां गांव के परिचित श्यामवीर सिंह खड़े दिखाई दिए। अखिलेश ने उन्हें देखकर कार की रफ्तार धीमी कर दी। इसी दौरान अचानक एक थार गाड़ी ने ओवरटेक करते हुए अखिलेश की कार में टक्कर मार दी। इसके तुरंत बाद पीछे से एक इको कार, स्कॉर्पियो और एक बाइक पर सवार करीब 12-13 हमलावर मौके पर पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने के लिए अखिलेश कार से उतरकर भागे, लेकिन आरोपियों रमेश, जगवीर, अंकित, केके पंडित, भोला और 2-3 अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद आरोपी विक्रम उर्फ विक्की, बॉबी उर्फ विशाल, हेमंत, राजा और गब्बर ने पिस्टल और तमंचों से एक राय होकर फायरिंग कर दी। अखिलेश के शरीर में 8 से 10 गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के पिता देवेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आरोपियों का एनकाउंटर कराने और उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है।














