
कार्यशाला के मुख्य वक्ता सेम्स फाउंडेशन के मुख्य व्यवसायिक अधिकारी अतुल गर्ग ने उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं और रोजगारपरक कौशलों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने की सलाह दी। एआईएमएल विशेषज्ञ दयाशंकर श्रीवास्तव ने कहा कि एआई आज के डिजिटल युग में युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहा है। उन्होंने बताया कि एआई आधारित कौशल अपनाकर युवा स्वयं को भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार कर सकते हैं। विभागाध्यक्ष डा. लव मित्तल ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने के साथ उन्हें उद्योग जगत की मांगों के अनुरूप तैयार करने में सहायक सिद्ध होती हैं। डीन एकेडमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए। आयोजन में समन्वयक दिव्या माहेश्वरी व सह-समन्वयक शानू गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संचालन चारु गुप्ता व अंशिका जैन ने किया। इस अवसर पर प्रो. मनोज वार्ष्णेय, प्रो. उदय शंकर, शिवानी वार्ष्णेय, पंकज निगम, सत्य नारायण, दयाशंकर, सनी सिंह, मो. आकिफ, ललित एवं शिवेंद्र वार्ष्णेय आदि उपस्थित रहे।
















