
लखनऊ 30 नवंबर | उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी नई निजी एजेंसियों को सौंप दी है। इसके साथ ही सोमवार से डीएल से संबंधित कामकाज पूरी तरह से नए सिस्टम के तहत शुरू हो जाएगा। अब तक यह जिम्मेदारी स्मार्ट चिप कंपनी के पास थी, जिसके लगभग 300 कर्मचारी प्रदेशभर में इस काम में लगे थे। लेकिन अब ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कार्य तीन नई एजेंसियों में बांटे गए हैं। लखनऊ में यह जिम्मेदारी सिल्वर टच को मिली है, जबकि फोकाम नेट और रोजमार्टा को अन्य जिलों का काम सौंपा गया है। नई व्यवस्था के तहत आवश्यक हार्डवेयर इंस्टॉलेशन का काम पूरा कर लिया गया है। हार्डवेयर सेटअप के कारण पिछले सप्ताह तीन से चार दिनों तक डीएल अप्रूवल प्रक्रिया बंद रही, जिससे आवेदकों को परेशानी उठानी पड़ी। अब उम्मीद है कि सोमवार से नई व्यवस्था सुचारू रूप से चलने लगेगी और लंबित कार्यों में तेजी आएगी। नई एजेंसी के कर्मचारी डीएल निर्माण से जुड़े सभी कार्यों को संभालेंगे और शुरुआती चरण में सिस्टम की टेस्टिंग भी की जाएगी। एजेंसी बदलने के साथ ही कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। लखनऊ आरटीओ में आसपास के जिलों के कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा, जबकि यहां पहले से कार्यरत कर्मचारियों को अन्य जिलों में भेजा जाएगा। इन कर्मचारियों में कई ऐसे हैं जो पिछले एक दशक से अपने जिले में काम कर रहे थे। नई व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रियाओं में तेजी आने और तकनीकी दक्षता बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।














