
हाथरस 04 फरवरी । जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए शासन के निर्देश पर हाथरस जिले में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के सभी चार रजिस्ट्री कार्यालयों सदर, सादाबाद, सासनी और सिकंदराराऊ में अब आधार आधारित बायोमीट्रिक सत्यापन प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत बिना आधार सत्यापन के रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी। अब जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले क्रेता, विक्रेता और गवाहों को मशीन के माध्यम से अंगूठा लगाकर अपनी पहचान सत्यापित करनी होगी। अंगूठा लगते ही आधार डाटा से व्यक्ति की वास्तविक पहचान की पुष्टि हो जाएगी। इससे फर्जी गवाहों, बोगस दस्तावेजों और धोखाधड़ी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। प्रशासन द्वारा रजिस्ट्री कार्यालयों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को मशीन संचालन का प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और रजिस्ट्री प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। इस संबंध में एआईजी स्टांप कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह व्यवस्था रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और आम जनता की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पूर्व में फर्जी पहचान और गवाहों के माध्यम से रजिस्ट्री कराए जाने के कई मामले सामने आते रहे हैं, जिससे बाद में विवाद और मुकदमेबाजी बढ़ जाती थी। नई प्रणाली से ऐसे मामलों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। नई व्यवस्था लागू होने से न केवल जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक सुरक्षित होगी, बल्कि भविष्य में संपत्ति से जुड़े विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है। वास्तविक व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित होने से खरीदार और विक्रेता दोनों को भरोसेमंद और सुरक्षित व्यवस्था मिलेगी।













