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लखनऊ 26 फरवरी ।  उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए मार्च का महीना राहत लेकर आया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने मार्च 2026 के लिए ईंधन अधिभार (फ्यूल सरचार्ज) की नई दरों की घोषणा कर दी है। नई दरों के अनुसार, दिसंबर 2025 के सापेक्ष मार्च माह में ईंधन अधिभार शुल्क में 2.42 प्रतिशत की कमी की गई है। इस कटौती से प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 141.20 करोड़ रुपये का सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।

फरवरी की वसूली पर विवाद बरकरार

एक ओर जहाँ मार्च में दरों में कमी आई है, वहीं फरवरी माह में उपभोक्ताओं से वसूले गए 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार को लेकर विवाद गहरा गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस भारी-भरकम वसूली के विरोध में विद्युत नियामक आयोग में याचिका दाखिल की है। परिषद का आरोप है कि फरवरी में उपभोक्ताओं से नियमों के विरुद्ध अधिक वसूली की गई है। इस मामले में नियामक आयोग फिलहाल जांच कर रहा है।

क्या है गणित?

विद्युत नियामक आयोग ने वर्ष 2025-26 के लिए औसत बिलिंग दर (ABR) 6.36 रुपये प्रति यूनिट तय की थी। तकनीकी पेंच यह है कि आयोग द्वारा टैरिफ आदेश देरी से जारी किए जाने के कारण पावर कॉरपोरेशन पुरानी औसत बिलिंग दर (6.14 रुपये प्रति यूनिट) के आधार पर ही ईंधन अधिभार की गणना करता रहा है। परिषद को भरोसा है कि नियामक आयोग जल्द ही फरवरी की ‘अतिरिक्त वसूली’ पर उपभोक्ताओं के हित में फैसला सुनाएगा।

परिषद का रुख

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया कि भले ही मार्च में दरों में कमी आई हो, लेकिन फरवरी माह में की गई गलत वसूली के विरुद्ध उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के हक का पैसा उन्हें वापस मिलना चाहिए और आयोग की जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

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