
लखनऊ 11 फरवरी । उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने ‘विकसित भारत के संकल्प’ और ‘विजन-2047’ की दिशा में निर्णायक कदम बताया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग एक लाख करोड़ रुपये अधिक है और वर्ष 2017-18 के 3.85 लाख करोड़ रुपये के बजट से बढ़कर अब लगभग 9.13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो राज्य की तेजी से बढ़ती आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। बजट में 1.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक का पूंजीगत परिरव्यय प्रस्तावित किया गया है तथा कुल पूंजीगत व्यय 2.48 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और निवेश पर विशेष जोर दे रही है। महिला, युवा और किसान वर्ग को केंद्र में रखते हुए 50 से अधिक नई योजनाओं की घोषणा की गई है, जिनमें मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना, महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना, पशुधन बीमा, सहकारी चीनी मिलों का आधुनिकीकरण और मिशन शक्ति 5.0 प्रमुख हैं। युवाओं के लिए फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण हेतु 2374 करोड़ रुपये तथा छात्राओं को स्कूटी वितरण के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। माध्यमिक शिक्षा के लिए 22,167 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा के लिए 6,195 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में चार सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (पीपीपी मोड) और ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की घोषणा की गई है, वहीं आईटी और एआई सेक्टर में उत्तर प्रदेश एआई मिशन, स्टेट डेटा सेंटर और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव है। प्राथमिक शिक्षा, ऊर्जा, गृह और लोक निर्माण विभाग को सर्वाधिक बजट आवंटन दिया गया है। ग्रीन बजट टैगिंग को 23.5 प्रतिशत तक बढ़ाते हुए सोलर क्षमता विस्तार और बड़े स्तर पर पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का दावा है कि यह बजट उत्तर प्रदेश को दस खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है और संतुलित, समावेशी एवं सतत विकास पर आधारित है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश सरकार के कुल बजट का 12.4 फीसदी हिस्सा शिक्षा पर, 6 फीसदी चिकित्सा पर और 9 फीसदी हिस्सा कृषि से जुड़ी योजनाओं पर खर्च होगा। कामकाजी महिलाओं के लिए जनपद स्तर पर श्रमजीवी छात्रावास बनाने के लिए बजट में राशि रखी गई है। युवाओं के लिए सरकार ने फैसला लिया है कि प्रदेश की हर कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनेगी।
वस्त्रोद्योग के 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य
- हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की योजनाओं के लिए लगभग 5,041 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में पांच गुने से अधिक है।
- वित्तीय वर्ष 2026-2027 में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य है।
- प्रदेश में गारमेन्टिंग हब बनाने हेतु पीएम मित्र पार्क योजना के अन्तर्गत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना करायी जा रही है।
- हथकरघा बुनकरों के साथ-साथ पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिए अटल बिहारी बाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिए 4,423 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेन्टिंग पॉलिसी-2022 हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।














