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मथुरा 31 मार्च । राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट ने छात्र-छात्राओं के कौशल विकास एवं करियर उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बजाज फिनसर्व के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता ज्ञापन पर संस्थान की ओर से निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना तथा बजाज फिनसर्व की ओर से प्रोजेक्ट हेड जतिन मक्कर ने हस्ताक्षर किए। अनुबंध के बाद दोनों संस्थानों के पदाधिकारियों ने माना कि इससे छात्र-छात्राओं का समग्र बौद्धिक विकास होने के साथ उन्हें रोजगार सृजन में मदद मिलेगी।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद दोनों संस्थानों के पदाधिकारियों ने इसे छात्र-छात्राओं के लिए लाभदायक बताया। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि स्किलिंग एक निरंतर प्रक्रिया है, जो अभ्यास और समर्पण से विकसित होती है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं बल्कि देश के समग्र विकास से जुड़ा मामला है। देश के समग्र विकास के लिए इसे “स्किल नेशन” बनाया जाना जरूरी है।

डॉ. सक्सेना ने बताया कि बजाज फिनसर्व द्वारा स्किलसर्व कार्यक्रम के माध्यम से राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं का कौशल विकास किया जाएगा तथा उन्हें व्यावहारिक ज्ञान भी मिलेगा। यह अनुबंध विद्यार्थियों के करियर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, इससे वे उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित होकर सफलता प्राप्त कर सकेंगे। डॉ. सक्सेना ने कहा कि यह अनुबंध आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बहुत लाभदायक होगा। इस पहल से उन्हें बैंकिंग फाइनेंस एवं इंश्योरेंस के क्षेत्र में बेहतर करियर बनाने में मदद मिलेगी।

बजाज फिनसर्व के प्रतिनिधि जतिन मक्कर ने इस पहल को युवाओं के कौशल विकास एवं रोजगार सृजन की दिशा में सराहनीय प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को आज के आधुनिक कार्यबल और उद्योगों में हो रहे बदलावों के साथ तालमेल बनाए रखना और कौशल विकास जैसी नई अवधारणाओं को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे तकनीक और नौकरी की ज़रूरतें विकसित हो रही हैं, कौशल विकास और भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। कौशल विकास का तात्पर्य अपने क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए नए कौशल सीखने या मौजूदा कौशलों को बेहतर बनाने की प्रक्रिया से है।

ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट प्रमुख डॉ. विकास जैन ने कहा कि उद्योग एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच इस प्रकार का समझौता विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ उनके लिए रोजगार के नए द्वार खोलता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रयास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं उनके करियर को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। डॉ. जैन ने कहा कि किसी पेशेवर संगठन से जुड़ना छात्र-छात्राओं के कौशल को निखारने तथा उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाए रहने का सबसे अच्छा तरीका हो सकता है।

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