अलीगढ़ 10 मार्च । मंगलायतन विश्वविद्यालय में 12 मार्च को 12वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा के स्पीकर सतीश महाना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार, माखनलाल चतुर्वेदी विवि के पूर्व कुलपति व कुलाधिपति डा. अच्युतानंद मिश्रा करेंगे। दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के स्नातक, स्नातकोत्तर तथा शोधार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उपाधियां प्रदान की जाएंगी तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। दीक्षांत समारोह की तैयारियों को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कुलपति प्रो. पीके दशोरा, कुलसचिव ब्रिगेडियर डा. समरवीर सिंह तथा परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी विश्वविद्यालय का अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर होता है। यह वह क्षण होता है जब विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, समर्पण और संघर्ष को औपचारिक रूप से सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में स्थापित मंगलायतन विश्वविद्यालय आज शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा ‘ए प्लस’ ग्रेड प्राप्त होना इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता और उत्कृष्टता का प्रमाण है। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, प्रबंधन, फार्मेसी, नर्सिंग, विधि, शिक्षा, मानविकी तथा शोध अध्ययन सहित अनेक विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। आधुनिक प्रयोगशालाओं, डिजिटल कक्षाओं, शोध गतिविधियों और कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान की जा रही है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे सक्षम, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह में इस वर्ष 3555 स्नातक विद्यार्थियों, 1780 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा 99 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त 27 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और 575 विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रदान किए जाएंगे। उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए नौ विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, नौ को रजत पदक तथा 13 विद्यार्थियों को विशेष प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। प्रो. दशोरा ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 विश्वविद्यालय के लिए उपलब्धियों से भरा रहा। छात्रों का परीक्षा परिणाम भी उत्साहजनक रहा। अनुसंधान के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। शिक्षकों और शोधार्थियों द्वारा 257 शोध पत्र राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित किए गए तथा 20 पेटेंट दाखिल किए गए, जिनमें से 10 प्रकाशित हो चुके हैं। शिक्षकों की 200 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक दायित्व के क्षेत्र में आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करता रहेगा और दीक्षांत समारोह को भव्य व प्रेरणादायक बनाने की तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस आयोजन को गरिमामय, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, उनके अभिभावक, शिक्षाविद्, प्रशासनिक अधिकारी, उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे, इसलिए आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था को विशेष रूप से ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया है। अतिथियों के स्वागत और आवभगत के लिए विशेष प्रोटोकॉल तैयार किया गया है। मंच की साज-सज्जा, बैठने की समुचित व्यवस्था, दीक्षांत परंपराओं के अनुरूप कार्यक्रम की रूपरेखा और उपाधि वितरण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है, जिसके लिए परिसर में आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं। इसके साथ ही यातायात और पार्किंग की व्यवस्था को भी व्यवस्थित किया जा रहा है ताकि आने वाले अतिथियों और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के लिए दीक्षांत परिधान, पंजीकरण, प्रवेश व्यवस्था और उपाधि वितरण से संबंधित सभी व्यवस्थाएं भी सुव्यवस्थित ढंग से की जा रही हैं। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, प्रशासनिक इकाइयों और स्वयंसेवी विद्यार्थियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि समारोह का प्रत्येक चरण सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा ने बताया कि दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और पाठ्यक्रमों में सफल विद्यार्थियों को उनकी उपाधियां प्रदान की जाएंगी। यह समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का औपचारिक सम्मान करने का अवसर होता है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर स्नातक, स्नातकोत्तर तथा शोध स्तर के विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। साथ ही जिन विद्यार्थियों ने अपने-अपने विषयों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन किया है, उन्हें स्वर्ण पदक, रजत पदक तथा विशेष सम्मान से भी अलंकृत किया जाएगा। दीक्षांत समारोह में भारतीय परंपरा और संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि इसमें पश्चिमी संस्कृति के बजाय भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्रमुखता दी गई है। समारोह में शामिल होने वाले विद्यार्थी, शिक्षक और अतिथि भारतीय परिधान में दिखाई देंगे, जिससे आयोजन की गरिमा और सांस्कृतिक पहचान और अधिक सशक्त रूप में सामने आएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर भारतीय परंपरा, ज्ञान और संस्कारों का भी प्रतीक बने। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का विश्वविद्यालय के यूटयूब व फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारण भी होगा। मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि वे दीक्षांत समारोह में उपस्थित होकर इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयोजन को समाज तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि शिक्षा और उपलब्धियों का यह संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचे।