
आगरा 01 अप्रैल । शारदा विश्वविद्यालय आगरा के शारदा स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज द्वारा गत 30 मार्च को पावन अवसर महावीर जयंती के उपलक्ष्य में रमन हॉल में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भगवान महावीर के अहिंसा, करुणा एवं मानवता के संदेश को समाज में प्रसारित करना रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी विचार साझा किए:
श्री रोहित जैन (चेयरमैन, अहिंसा ग्रुप) ने कहा कि अहिंसा केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने का सर्वोत्तम मार्ग है। उन्होंने युवाओं को अपने आचरण में सहिष्णुता और करुणा अपनाने के लिए प्रेरित किया। सुश्री साक्षी जैन (लीड ट्रेनर, अरहम ध्यान योग) ने ध्यान और आत्मचिंतन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आंतरिक शांति से ही सच्चा सुख प्राप्त होता है। उन्होंने सभी को नियमित ध्यान करने का संदेश दिया। श्री निर्मल मोंठ्या जी (प्रमुख सिल्वर व्यवसायी) ने व्यवसाय में नैतिकता और ईमानदारी के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सच्ची सफलता वही है जो समाज के हित के साथ जुड़ी हो। श्री सुरेश कुमार जैन (अध्यक्ष, श्री आत्म नंद जैन सभा) ने भगवान महावीर के त्याग और तपस्या के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उनके सिद्धांत मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। श्री सुरेन्द्र जैन (एस्के सेल्स कॉर्पोरेशन) ने युवाओं को संयम और अनुशासन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में संतुलन बनाए रखना ही सच्ची सफलता का आधार है। श्री राजकुमार जैन (अध्यक्ष, आगरा विकास मंच एवं रामलाल वृद्धाश्रम) ने समाज सेवा को जीवन का प्रमुख उद्देश्य बताया। उन्होंने सभी को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने का संदेश दिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए:
श्री पी. के. गुप्ता (कुलाधिपति, शारदा विश्वविद्यालय आगरा) ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि संस्कारों का विकास भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को महावीर के आदर्शों को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। प्रो. (डॉ.) जयंती रंजन (कुलपति, शारदा विश्वविद्यालय आगरा) ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नैतिक मूल्यों को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अन्य पदाधिकारियों एवं संकाय सदस्यों का भी विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वयन, कन्वीनर डॉ. हेमलता जैन, कोऑर्डिनेटर आशिता जैन तथा छात्र समन्वयक श्री ऋषित जैन (अध्यक्ष, यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स काउंसिल) द्वारा किया गया। अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया। यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायी रहा और भगवान महावीर के आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश देकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



























