
अलीगढ़ 25 मार्च । मंगलायतन विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर (यूआईआईसी) के तत्वावधान में सीएम युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत एमएसएमई कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। डीन एकेडमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि आज के समय में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार भी एक सशक्त विकल्प है। विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। प्रथम सत्र में विशेषज्ञ वक्ता कुमार मौसम ने उद्यमिता की बुनियादी अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किसी भी व्यवसाय की सफलता के लिए सही योजना, धैर्य और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। बैंकिंग विशेषज्ञ सतीश कुमार शेरावत ने एमएसएमई योजनाओं, ऋण सुविधाओं एवं सरकारी सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दूसरे सत्र में उद्योग विशेषज्ञ हार्दिक रावत ने फूड इंडस्ट्री में संभावनाओं और आधुनिक प्रबंधन के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि खाद्य उद्योग एक तेजी से बढ़ता क्षेत्र है, जिसमें नवाचार और गुणवत्ता के माध्यम से सफलता हासिल की जा सकती है।
यूआईआईसी के अध्यक्ष प्रो. रविकांत ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं यूआईआईसी प्रबंधक डा. विपिन कुमार ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती हैं। इस अवसर पर सहायक आयुक्त उद्योग राजमन विश्वकर्मा, प्रो. मनीषा शर्मा आदि उपस्थित रहे। संचालन एंजेला फातिमा द्वारा किया गया, जबकि डा. अरबाब हुसैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


























