
हाथरस 07 अप्रैल । कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी अतुल वत्स ने लंबित रिट, आयोग के संदर्भों, आरटीआई और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी कि जन समस्याओं के निस्तारण में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस, जनता दर्शन और आयोगों से प्राप्त संदर्भों का समयबद्ध निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि अंतिम समय का इंतज़ार न करें: अधिकारी प्राप्त शिकायतों को अंतिम तिथि तक लंबित न रखें, बल्कि तत्काल प्रभाव से उन पर कार्यवाही शुरू करें। शिकायतों के वास्तविक समाधान के लिए आवश्यकतानुसार मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया जाए, ताकि शिकायतकर्ता को संतोषजनक न्याय मिल सके। यदि कोई प्रकरण संबंधित विभाग का नहीं है, तो उसे अनावश्यक अपने पास रखने के बजाय तुरंत संबंधित विभाग को स्थानांतरित करें।
आरटीआई और आयोग के प्रकरणों पर विशेष जोर
सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी पर जिलाधिकारी ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सटीक और पारदर्शी सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य है। आयोगों से प्राप्त जांच के मामलों में भी अभिलेखों का गहन अध्ययन कर गुणवत्तापूर्ण आख्या समय से प्रेषित की जाए। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्तर पर जांच कार्य अनावश्यक रूप से लंबित पाया गया या निस्तारण अपूर्ण व त्रुटिपूर्ण हुआ, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पोर्टल पर कोई भी प्रकरण ‘डिफाल्टर’ श्रेणी में नहीं दिखना चाहिए।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), समस्त उप जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।





















