
हाथरस 02 अप्रैल । वित्तीय वर्ष 2025-26 की विदाई के साथ ही जिले के सरकारी और प्रशासनिक विभागों में बजट खपाने की जबरदस्त ‘बाजीगरी’ देखने को मिली है। बजट लैप्स होने के डर से विभागों ने मार्च के अंतिम दिनों में भुगतान की रफ्तार इतनी तेज कर दी कि सरकारी खजाने से अरबों रुपये धड़ल्ले से खर्च किए गए। आंकड़ों के अनुसार, अकेले मार्च माह में विभिन्न मदों के अंतर्गत कुल 2,73,67,28,052 (दो अरब तिहत्तर करोड़ से अधिक) रुपये की भारी-भरकम राशि का भुगतान किया गया। वित्तीय वर्ष के आखिरी सप्ताह, विशेषकर 25 मार्च से 31 मार्च के बीच करोड़ों रुपये के बिल रोजाना पास हुए। सरकारी आंकड़ों की मानें तो 30 मार्च का दिन सबसे भारी रहा, जब एक ही दिन में 35.38 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विभिन्न परियोजनाओं और कार्यों के बदले जारी की गई। 31 मार्च की देर रात तक विकास भवन और कलेक्ट्रेट समेत तमाम कार्यालयों में हलचल बनी रही, ताकि साल भर से अटके हुए भुगतानों को अंतिम रूप दिया जा सके।
दिनवार खर्च का लेखा-जोखा (करोड़ों में)
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25 मार्च: 15,04,34,412 रुपये
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26 मार्च: 1,68,06,979 रुपये
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27 मार्च: 6,82,89,996 रुपये
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30 मार्च: 35,38,65,112 रुपये
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31 मार्च: 12,43,04,168 रुपये
डीएम के निर्देश पर दी गई गति
प्रशासनिक गलियारों में एक ही सप्ताह के भीतर इतनी बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन चर्चा का विषय बना हुआ है। इस संबंध में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि जिन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भुगतान लंबित था, उनमें संबंधित अधिकारियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। इसका उद्देश्य यह था कि स्वीकृत बजट का सही समय पर सदुपयोग हो सके और विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। अब जिले के सभी विभाग नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत नई उम्मीदों और नए बजट के साथ करने जा रहे हैं।





















