
अलीगढ़ 17 फरवरी । मंगलायतन विश्वविद्यालय के कृषि विभाग द्वारा “श्रीअन्न के उत्पादन, पोषण मूल्य एवं उसके भविष्य की आवश्यकताओं” विषय पर केंद्रित दो दिवसीय भव्य कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मोटे अनाज (मिलेट्स) की वैज्ञानिक खेती, उनके अद्वितीय स्वास्थ्य लाभों तथा वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग पर विशेषज्ञों ने गहन मंथन किया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन आर.पी. पचौरी ने अपने प्रेरक संबोधन में बताया कि उन्होंने सेना की सेवा के पश्चात कृषि क्षेत्र को अपनाया और उन्नत प्रजातियों के श्रीअन्न की खेती में सफलता प्राप्त की। उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ श्रीअन्न उत्पादन को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करते हुए इसे लाभकारी एवं टिकाऊ विकल्प बताया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. दशोरा ने “कार्यों में उत्तम कृषि एवं अन्न में सर्वोत्तम श्रीअन्न” का मंत्र देते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत संकल्प 2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में कृषि और श्रीअन्न की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न न केवल पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
तकनीकी सत्रों में प्रो. राजपाल सिंह ने श्रीअन्न की उन्नत किस्मों के उत्पादन, फसल चक्र एवं रोग प्रबंधन की वैज्ञानिक बारीकियों पर प्रकाश डाला। डॉ. रश्मि सिंह ने श्रीअन्न को “न्यूट्री सीरियल” और “भविष्य की फसल” की संज्ञा देते हुए इससे बनने वाले मूल्यवर्धित उत्पादों तथा उनके चिकित्सीय लाभों की विस्तृत जानकारी दी। विपणन पक्ष पर चर्चा करते हुए डॉ. नेत्रपाल सिंह ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत सरकारी संस्थानों एवं स्टार्टअप्स के बारे में जानकारी दी, जो श्रीअन्न के व्यापार और निर्यात को बढ़ावा दे सकते हैं। कुलसचिव ब्रिगेडियर समर वीर सिंह ने दैनिक आहार से विलुप्त होते श्रीअन्न पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे पुनः थाली में शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार के स्वागत भाषण से हुआ, जबकि संचालन डॉ. आकांक्षा सिंह ने किया। अंत में डीन एकेडमिक डॉ. अम्ब्रीश शर्मा एवं प्रो. वेद रत्न ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. संजय सिंह, डॉ. पवन कुमार, डॉ. मयंक प्रताप सहित विभाग के समस्त शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

















