
हाथरस 01 फरवरी । सावन कृपाल रूहानी मिशन के बैनर तले कृपाल आश्रम, गौशाला मार्ग, हाथरस पर साप्ताहिक आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगत उपस्थित रही। सत्संग के दौरान परम संत कृपाल सिंह जी महाराज एवं मिशन के प्रमुख व विश्व आध्यात्मिक सतगुरु संत राजिंदर सिंह जी महाराज के पावन वचनों को ऑडियो-वीडियो माध्यम से प्रस्तुत किया गया। परम संत कृपाल सिंह जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि प्रत्येक साधक को प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में भजन अभ्यास अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रभु नाम का सिमरन ही मानव जीवन के वास्तविक उद्देश्य की पूर्ति का मार्ग है। यह प्रभु की असीम कृपा है कि हमें पूर्ण सतगुरु का सानिध्य प्राप्त होता है, और केवल पूर्ण सतगुरु ही मोक्ष के द्वार खोलने में सक्षम होते हैं। इसी क्रम में संत राजिंदर सिंह जी महाराज ने समझाया कि मानव जीवन को दया, प्रेम, सच्चाई, निष्काम सेवा एवं अहिंसा से परिपूर्ण होना चाहिए। जब मनुष्य इन गुणों को अपने जीवन में धारण करता है, तभी प्रभु प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि पूर्ण सतगुरु द्वारा प्राप्त पवित्र नाम की निरंतर साधना से साधक परमात्मा के स्वरूप के दर्शन करने में सफल होता है। सत्संग के अंत में महाराज जी के निर्देशन में सभी संगत को भजन अभ्यास कराया गया। आज के दिन आश्रम परिसर में छोटे बच्चों के लिए बाल सत्संग का भी आयोजन किया गया, जिससे बच्चों में आध्यात्मिक एवं नैतिक संस्कार विकसित हो सकें। इसके साथ ही आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक एवं एलोपैथिक डिस्पेंसरी भी लगाई गई, जहां जरूरतमंद लोगों का योग्य चिकित्सक श्री मनोज अरोड़ा द्वारा उपचार किया गया। सत्संग की समाप्ति पर सभी संगत के लिए लंगर प्रसादी का वितरण किया गया। कार्यक्रम संपूर्ण रूप से शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ।

















