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मथुरा 31 जनवरी । राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं की साहसिक गतिविधियों में रुचि पैदा करने के लिए शनिवार को क्लाइम्ब अप दिल्ली की तरफ से एडवेंचर कैम्प का आयोजन किया गया। ट्रेनर अमित शर्मा की निगरानी में छात्र-छात्राओं ने न केवल साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लिया बल्कि शानदार करतब दिखाकर वाहवाही लूटी। राजीव इंटरनेशनल स्कूल में क्लाइम्ब अप दिल्ली द्वारा डे एडवेंचर कैम्प का आयोजन किया गया। डे एडवेंचर कैम्प में नन्हें-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने न केवल उत्साहपूर्वक भाग लिया बल्कि एक से बढ़कर एक साहसिक करतब दिखाए। कैम्प के आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को हर परिस्थिति से बच निकलने के तरीके बताना था। ट्रेनर अमित शर्मा ने कहा कि छात्र जीवन में शिक्षा के साथ-साथ साहसिक गतिविधियों को समझना बहुत आवश्यक है। इस तरह की गतिविधियों में हिस्सा लेने से छात्र-छात्राओं में आत्मरक्षा की भावना का विकास होता है जोकि जीवन पर्यंत उनके काम आता है।

क्लाइम्ब अप दिल्ली द्वारा आयोजित डे एडवेंचर कैम्प में विशेषज्ञ ट्रेनर अमित शर्मा की मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं को लेजर बीम, मैजिकल माजे जिप लाइन, बाडी जार्व, हेमेस्टर ह्वील, जारविंग, कमांडो नेट, स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, टग आफ वार, कमांडो क्रवल, माइन फील्ड, बर्मा ब्रिज, हाप स्काच आदि की विस्तार से जानकारी दी गई। साहसिक गतिविधियों के समापन अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं को संस्था द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।

आर.के. एज्यूकेशन ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों का शारीरिक तथा मानसिक विकास होता है, जो उन्हें प्रत्येक परिस्थिति से निकलने का मार्ग प्रशस्त करता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि साहसिक गतिविधियों का जीवन में बहुत महत्व है। साहसिक गतिविधियों में दक्षता हासिल करने वाले छात्र-छात्राएं बिना हिम्मत हारे जीवन में कभी भी किसी भी परिस्थिति का डटकर सामना कर सकते हैं।

आरआईएस के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ समय-समय पर रोमांचकारी गतिविधियों से रूबरू कराते रहना चाहिए ताकि वे निकट भविष्य में स्वयं को सुरक्षित रख सकें। श्री अग्रवाल ने कहा कि जीवन में एडवेंचर स्पोर्ट्स का बहुत महत्व है। साहसिक खेलों से छात्र-छात्राओं में साहस पैदा होता है और वे हर परिस्थिति का सामना करने में सक्षम हो जाते हैं।

स्कूल की प्राचार्या प्रिया मदान ने साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लेने वाले छात्र-छात्राओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे उन्हें शारीरिक शक्ति, मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। ऐसी गतिविधियां आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ तनाव को कम करती हैं तथा चुनौतियों से निपटने की क्षमता विकसित होती है। प्राचार्या ने कहा कि साहसिक गतिविधियों में हिस्सा लेने से छात्र-छात्राओं में टीम वर्क, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित होते हैं, जो जीवन के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करते हैं।

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