
हाथरस 29 जनवरी । यूजीसी कानून के विरोध को लेकर राष्ट्रीय सवर्ण परिषद एवं सहयोगी संगठनों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। इसी क्रम में हाथरस पहुंचे पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता कर 1 फरवरी को भारत बंद तथा 7 फरवरी को हाथरस से दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय तक पदयात्रा किए जाने की घोषणा की। प्रेस वार्ता के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यूजीसी कानून को लेकर समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैय्या ने कहा कि संगठन यूजीसी कानून को सवर्ण समाज के हितों के प्रतिकूल मानता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर सकता है। परिषद की ओर से मांग की गई कि केंद्र सरकार इस कानून पर पुनर्विचार करे और इसे वापस ले। वक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा कानून पर लगाई गई रोक को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि अंतिम समाधान कानून को पूर्ण रूप से वापस लेने से ही संभव है। संगठन की ओर से देशभर के लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से भारत बंद एवं पदयात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन देने की अपील की गई। प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि 7 फरवरी को प्रस्तावित पदयात्रा के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय तक ज्ञापन पहुंचाने की योजना है, जिसमें विभिन्न संगठनों की सहभागिता रहेगी।
संयुक्त प्रेस वार्ता में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेन्द्र सिंह, व्यापारी संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, मानवाधिकार संगठन से प्रवीन वार्ष्णेय एवं कमलकांत दोबारा, भारतीय किसान यूनियन से प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन सिंह एवं कृष्णकांत शर्मा, साथ ही राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आचार्य भरत तिवारी, राष्ट्रीय सचिव सचिन शर्मा, जिला अध्यक्ष आदित्य ठाकुर सहित जिला इकाई के पदाधिकारी एवं अन्य संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

















