सिकंदराराऊ 18 जनवरी । वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर चले जिला प्रशासन द्वारा बुलडोजर के विरोध में नगर के बघेल समाज के अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है, ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने मांग की है कि दस दिन के भीतर अगर मणिकर्णिका घाट पुनः स्थापित नहीं हुआ तो बघेल समाज धरना प्रदर्शन,आमरण अनशन करके अपना विरोध दर्ज करायेगा। शनिवार की सुबह दस बजे तहसील परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय पर बघेल समाज के अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के नाम से एसडीएम संजय कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि वाराणसी में सन 1771 में पुण्य श्लोका प्रात: स्मरणीय लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने काशी में मणिकर्णिका घाट का निर्माण कराया था पूर्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी स्थान पर माता पार्वती के कान की मणि गिरी थी जिससे इस घाट का नाम मणिकर्णिका पड़ा,ढाई सौ वर्ष पूर्व प्राचीन मणिकर्णिका घाट काशी के 84 घाटों में से शामिल है इस घाट में महारानी देवी अहिल्या होलकर ने तत्कालीन शिल्प कला से मां पार्वती को शिव शंकर व अन्य देवी देवताओं का मंदिर घाट पर बनवाया जबकि मुगलों द्वारा काशी विश्वनाथ मंदिर को विध्वंश किया तो महारानी देवी अहिल्याबाई होल्कर ने काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया इसमें काशी विश्वनाथ के मंदिर पर सवामन के सोने के कलश व छत्र बनवाये व घाट का भी निर्माण करवाया।
वाराणसी जिला प्रशासन द्वारा जिस तरह से मणिकर्णिका घाट को विध्वंश कर दिया गया है जिसमें देवी अहिल्याबाई होल्कर मूर्ति,शिव पार्वती अन्य देवी देवताओं की मूर्ति क्षतिग्रस्त कर मलवे में डाल दिया है जो शिव पार्वती व देवी अहिल्या होलकर अपवित्र करके कूड़े की तरह डाल दिया है ऐतिहासिक धरोवर का अपमान किया गया है | मणिकर्णिका घाट का कानून के विरुद्ध जिलाधिकारी,पुलिस अधीक्षक व नगर आयुक्त वाराणसी के द्वारा किया गया है जो ऐतिहासिक धरोवर नष्ट करने के कारण जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक व नगर आयुक्त काशी को बर्खास्त कर विभागीय जांच कराकर ऐतिहासिक धरोवर घाट को पूरे प्रतिस्थापित कराया जाए यदि ऐतिहासिक धरोवर को 10 दिन के भीतर पुन स्थापित नहीं किया गया तो उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल कर ऐतिहासिक धरोवर को पुन स्थापित व जिला प्रशासन के विरुद्ध कार्यवाई करने के लिए याचिका दाखिल की जाएगी व बघेल समाज की तरफ से धरना प्रदर्शन व आमरण अनशन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से हुकम सिंह बघेल, सूरजपाल बघेल, राजेश बघेल, प्रमोद बघेल, मनवीर सिंह बघेल, प्रबल प्रताप बघेल,नरेश बघेल, दिनेश बघेल,राकेश बघेल,देवेंद्र बघेल, रूपेंद्र बघेल, बृजमोहन बघेल, ओमप्रकाश बघेल व अजय बघेल आदि मौजूद रहे।

















