
लखनऊ 08 जनवरी । अब गांव के लोगों को आधार बनवाने या अपडेट कराने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और लंबी कतारों में भी नहीं खड़ा होना पड़ेगा। प्रदेश सरकार एक हजार ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र खोलने जा रही है। इन केंद्रों पर ग्रामीण आसानी से अपना आधार संबंधी काम करवा सकेंगे। पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि इन केंद्रों का संचालन ग्राम पंचायत सहायक करेंगे। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलेगी बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। केंद्रों को स्थापित करने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने पंचायती राज विभाग को रजिस्ट्रार आईडी और इंपैनलमेंट एजेंसी आईडी जारी कर दी है, जिससे आधार सेवाओं का संचालन अधिकृत और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए आधार होना आवश्यक है। कई बार आधार न होने या अपडेट न होने की वजह से लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता और उन्हें ब्लॉक और जिला स्तर तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहले एक हजार ग्राम पंचायतों में सेवा केंद्र शुरू किए जाएंगे। इसके बाद यह सुविधा सभी ग्राम पंचायतों तक बढ़ाई जाएगी, जिससे आधार संबंधी कार्य कुछ ही मिनटों में पूरे किए जा सकेंगे।




















